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अब स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल
मुख्य सचिव ने निदेशक को 31 दिसंबर 2014 को भी पत्र जारी किया था
महेंद्रसिंह मेहरा | सिरसा
राजकीयस्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पीने का स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है। जिसके कारण स्कूलों में पेयजल की टंकियों के ढक्कन है नहीं अगर है तो टूटे हुए हैं। इसी को लेकर शिक्षा विभाग के निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को राजकीय स्कूलों में स्वच्छ पानी की समुचित व्यवस्था करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। जिले में 560 राजकीय प्राथमिक स्कूल, 123 राजकीय मिडल स्कूल, 107 राजकीय हाई स्कूल 78 राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल हैं।
सर्वेमें मिली ये स्थिति
राजकीयस्कूलों में विद्यार्थियों के पीने के पानी को लेकर सर्वे किया गया। जिसमें स्कूलों में टंकियों के ढक्कन या तो खुले मिले या टूटे हुए थे। जिसके फल स्वरूप उनमें मिट्टी काई लगी पड़ी है। टंकियों की सफाई की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इसी को लेकर मुख्य सचिव निदेशक को 31 दिसंबर 2014 को पत्र भी जारी किया गया। जिसमें निर्देश दिए गए कि स्कूलों में स्वच्छ पानी विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा है। जिसको गंभीरता से लिया जाए। स्कूलों में पानी की टंकियों समय-समय पर साफ की जाए।
स्कूलों में स्वच्छ पानी विद्यार्थियों को मिले इसके लिए स्कूल इंचार्ज की जिम्मेवारी बनती है। स्कूलों में पीने के पानी की टंकियों को समय-समय पर साफ करवाना जरूरी है। वहीं पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी समय-समय पर पीने के पानी के सैंपल लेेने भी जरूरी है। ताकि पता चल सके कि स्कूलों में विद्यार्थियों के पीने का पानी स्वच्छ है या नहीं।
खंड शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा ने कहा कि स्कूलों में स्वच्छ पीने के पानी को लेकर निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश के कई स्कूलों में अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो उसमें स्वच्छ पेयजल विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा था। इसी को लेकर विभाग ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।
केंद्र सरकार प्रदेश सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान चलाया हुआ है। जिसमें साफ सफाई के प्रति सरकार भी गंभीर है। अभियान के तहत स्कूलों में समय समय पर साफ सफाई भी की जाती है। वहीं सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है।