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स्कूलों में जमीन पर बैठकर नहीं पढ़ेंगे विद्यार्थी

6 वर्ष पहले
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डीसीनिखिल गजराज ने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थी जमीन पर बैठ कर नहीं पढ़ेगा। इसके लिए सभी स्कूलों में डेस्क उपलब्ध करवाने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई गई है। योजना के तहत प्रदेश में 10 नए स्व:वित्त पोषित डिग्री कॉलेज एक नया स्व:वित्त पोषित लॉ कॉलेज खोलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए गये है।

सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में ई-पेंशन स्कीम शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि जिला मेवात के पुन्हाना, सिरसा जिला कैथल के गुहला-चीका में लड़कियों के कॉलेज खोले जाएंगे। इसके साथ ही यमुनानगर जिले के सढौरा रादौर में, जिला गुडग़ांव के घमरोज में राजकीय महाविद्यालय खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि डॉ. मंगलसेन के बहुआयामी व्यक्तित्व पर शोध करने तथा उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में एक पीठ स्थापित की गई है। विद्यार्थियों के शिक्षण स्तर में सुधार के लिए स्कूलों में मासिक टेस्ट लेने की स्कीम शुरू की गई है राष्ट्रीय चरित्र निर्माण तथा परंपराओं के सम्मान पर केन्द्रित मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 250 गांवों के लिए 80 सांझा सेवा केन्द्रों का संचालन शुरू हो गया है। मार्च 2016 तक 1500 सांझा सुविधा केन्द्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्टेट डाटा सेंटर में स्टेट रेजीडेंट डाटा हब स्थापित किया गया है। इसकी स्थापना का उद्देश्य पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, छात्रवृतियां और मनरेगा के तहत आधार डाटा उपलब्ध करवाना है।