- Hindi News
- श्री कृष्ण जन्म के प्रसंग को झांकियों से प्रस्तुत किया
श्री कृष्ण जन्म के प्रसंग को झांकियों से प्रस्तुत किया
श्रीवंशीवट मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास पंडित सुगन शर्मा द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। सुगन शर्मा ने माता यशोदा द्वारा बाल कृष्ण को उंखल से बांधने पर यमला अर्जुन मणीगिरी नामक वृक्ष रूपी कुबेर पुंजों का उद्धार करने मात्र 6 दिन की आयु में ही पुतना राक्षसी का दुग्धपान कर प्राण हरने की कथा सुनाई। भगवान कृष्ण को गुरुओं से प्रेम चोर मंडली बनाकर सभी वानर, ग्वालों सहित माखन चोरी करने, मटकियां फोडऩे की सुंदर मनमोहक वृतांत सुनाया। पंडित सुगन शर्मा ने गोमाता से उत्पन्न दूध, दही, माखन, गोमुत्र गोबर के गुणों का बखान किया मां के दुग्ध को सर्वोत्तम बताया। लाला के नामकरण की कथा सुनाते हुए श्री कृष्ण के नाम का वर्णन करते हुए बताया कि कृष्ण अर्थात अपनी ओर आकर्षित करने वाला। श्रोतागणों को बच्चों का नामकरण अर्थपूर्ण परमात्मा के नाम पर रख कर अपने जीवन को धन्य करने की शिक्षा दी। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र के घमंड को तोडऩे हेतु इस प्रकृति के सम्मान को बढ़ाने के उद्देश्य से मात्र 8 वर्ष की आयु में गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर उठाकर समस्त बृजवासियों की रक्षा करने का प्रसंग सुंदर झांकियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर पंडित ने श्रीकृष्ण की बाललीलाओं से जुड़े भजन भी सुनाए। वहीं कथा के दौरान शिव भोले की भी झांकी प्रस्तुत की गई।