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जेल में कैदियों के बीच चले लात-घूसे

7 वर्ष पहले
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बरनालारोड स्थित जिला जेल में एक बार फिर कैदियों की आपस में भिड़ंत हो गई। एक पक्ष के दर्जनभर कैदियों ने गुरुवार की रात को बैरक नंबर 12 में एक हवालाती की जमकर लात घुसों से धुनाई कर डाली। जिस कारण हवालाती के आंख पर गहरी चोट आई है। उसे सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन हवालाती 30 वर्षीय हरगोबिंद सिंह पुत्र बीकर सिंह निवासी हस्सू ने बताया कि गुरूवार की सुबह जेल में पेशी हुई थी। जब लाउडस्पीकर में कैदियों को पेशी के लिए आवाज लगाई जा रही थी। उस समय कुछ कैदी उनके पास बैठकर शोर मचा रहे थे। जिस कारण उन्हें पेशी के लिए लगाई जा रही आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। इसलिए उसने उन्हें चुप रहने के लिए कह दिया। इस पर वे भड़क गए और विवाद करने लगे। उस समय तो किसी तरह मामला शांत हो गया। रात को जब वह बैरक में सो रहा था। करीब दस बजे उसके पास दर्जनभर कैदी आए और आते ही उस पर हमला कर दिया और लात घूसों से उसको जमकर पीटा। जब अन्य साथियों ने शोर मचाया तो जेल प्रशासन के कर्मचारियों ने आकर उसे छुड़ाया। इस मारपीट में उसकी आंख पर अधिक चोट आई है। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि ये दो पक्षों का मामला था। दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

साजिशके तहत मारपीट करने का आरोप

घायलहवालाती हरगोबिंद ने बताया कि उस पर यह हमला साजिश के तहत था। उसने बताया उसके सहित उसके भाई एक अन्य को गांव के ही विरोधी पक्ष ने झूठे मामले में फंसा रखा है। उन पर जान से मारने के प्रयास का मामला दर्ज है। उन्हें जेल में आए 29 दिन हो गए हैं।

हरगोबिंद ने बताया कि उनके विरोधी पक्ष का सदस्य जगराज सिंह भी गुरूवार को किसी मामले में जेल में आया है। उसने ही रंजिश के तहत उस पर हमला करवाया है। हरगोबिंद ने बताया कि मारपीट करने वाले कैदियों को वह नहीं जानता। उन्हें जेल प्रशासन ने पकड़ लिया था।

अस्पताल में उपचाराधीन हवालाती

बैरक में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में जेल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक पत्र हुडा पुलिस चौकी को लिखा। उनके पत्र के आधार पर एएसआई चंदन सिंह ने कार्रवाई करते हुए दो पक्षों के आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पत्र के आधार पर अशोक, गोरू, राजू, धर्मेंद्र और रिंकू दूसरे पक्ष के हरगोबिंद, परविंद्र और हरदीप के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गय