पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • एंबुलेंस नहीं मिली तो घोड़ा रेहड़ी के जरिए मां को लेकर आया अस्पताल

एंबुलेंस नहीं मिली तो घोड़ा-रेहड़ी के जरिए मां को लेकर आया अस्पताल

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
निजीएंबुलेंसों का चक्का दूसरे दिन मंगलवार को भी जाम रहा। एंबुलेंस संचालकों ने पीजीटी और रोड टैक्स लगाए जाने के विरोध स्वरूप हड़ताल की हुई है। ऑल हरियाणा प्राइवेट एंबुलेंस एसोसिएशन के बैनर तले डबवाली रोड पर धरना देकर एंबुलेंस संचालकों ने प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ दिनभर नारेबाजी भी की।

हड़तालका मरीजों को भुगतान पड़ा खामयाजा

निजीएंबुलेंस संचालकों की हड़ताल होने से मरीजों को काफी दिक्कत होने लगी है। एंबुलेंस उपलब्ध होने पर मरीजों को किसी अन्य वाहनों के जरिए अस्पताल आना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कुछ मरीज और उनके परिजन घोड़ा-रेहड़ी के जरिए अस्पताल आते नजर आए। पीरबस्ती निवासी प्रकाश पुत्र अमीचंद की 70 वर्षीय मां कस्तूरी देवी अचानक बीमार हो गई। उसने एंबुलेंस के लिए फोन लगाया लेकिन कोई एंबुलेंस नहीं आई। उसे अन्य कोई वाहन भी उपलब्ध नहीं हुआ तो वह घोड़ा रेहड़ी के जरिए ही अपनी मां को उपचार कराने के लिए अस्पताल लेकर आया। कस्तूरी देवी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन है।

हालांकि मानव कन्हैया सेवा समिति की कुछ एंबुलेंस जिले में मरीजों का सहारा बनी हुई थी। लेकिन निजी एंबुलेंस एसोसिएशन ने उनको भी हड़ताल में शामिल कर लिया। ऐसे में नागरिक अस्पताल की एंबुलेंसों को ही पूरे जिले के मरीजों की मदद में तैयार रहना पड़ रहा है। लेकिन जिले में सरकारी एंबुलेंस की कमी है और उस कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

टैक्स नहीं हटाया तो हड़ताल जारी रहेगी

एंबुलेंससंचालक एसोसिएशन के प्रधान पंकज शर्मा ने कहा कि पीजीटी टैक्स और रोड टैक्स रजिस्ट्रेशन टैक्स के खिलाफ हड़ताल की गई है। एंबुलेंस पर टैक्स पहले 1 प्रतिशत था जिसे बढ़ाकर अब 6 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार द्वारा निजी एंबुलेंस पर पीजीटी रोड टैक्स थोंपा जा रहा है। जबकि एंबुलेंस जैसी आपातकालीन जीवन रक्षक सेवा पर टैक्स लगाना किसी भी रूप में न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को हर हाल में यह फैसला वापस लेना होगा। अन्यथा हड़ताल जारी रहेगी।

निजी एंबुलेंस की हड़ताल के चलते रेहड़ी के माध्यम से अस्पताल पहुंचते मरीज।

खबरें और भी हैं...