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वीसी के गला पकड़ते ही बिगड़ा मामला

6 वर्ष पहले
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पिछलेकई दिनों से लॉ के प्राध्यापकों के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन प्रदर्शन वीसी के खिलाफ हो गया। सीडीएलयू के लॉ विभाग के छात्र और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं ने दागी प्राध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई और प्रमोशन रद्द करने की मांग को लेकर बुधवार स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी हाल पर ताला लगा दिया। हालांकि कुछ समय बाद छात्रों ने ताला हटा भी दिया। छात्र वीसी कार्यालय के दरवाजे पर बैठ गए। छात्र वीसी को हटाने की मांग कर रहे थे। छात्रों ने रिजल्ट ब्रांच में भी कर्मचारियों को कामकाज बंद करने के लिए कहा। छात्र वीसी कार्यालय के आगे बैठ गए। दूसरी तरफ वीसी नेशनल कॉलेज की एथलीट मीट का उद्घाटन करने के लिए गए थे। करीब साढ़े 12 बजे वीसी कार्यालय में आए। वीसी ने छात्रों को गेट से हटने के लिए कहा। मगर छात्रों ने इंकार कर दिया। छात्रों और वीसी में तीखी नोकझोंक हुई। वीसी ने एबीवीपी नेता सुखबीर श्योराण और छात्रों को विश्वविद्यालय का अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी। वीसी ने जब छात्र नेता की गर्दन पर हाथ रखा तो मामला बिगड़ गया। छात्र उत्तेजित हो गए। कर्मचारी और सुरक्षा कर्मचारी वीसी को हाल से बाहर लेकर गए। वीसी आधा घंटे तक बाहर खड़े रहे। डीन ऑफ कॉलेजिज प्रोफेसर एसके गहलावत ने छात्रों को समझाना चाहा। मगर वे भी असफल रहे। इसी बीच एक भाजपा नेता भी सीडीएलयू में आए। उन्होंने भी एबीवीपी के छात्र नेताओं को प्रदर्शन खत्म करने के लिए कहा। मगर असफल रहा। वहीं मंगलवार रात को भी कुछ प्राध्यापकों ने धरने पर बैठे छात्रों से प्रदर्शन खत्म करने के लिए वार्ता की थी। मगर कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला।

वीसीने फोन कर पुलिस को बुलाया, लिखित में दी शिकायत

वीसीने पुलिस को फोन करके बुलाया। उसी समय एबीवीपी और छात्रों के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई। शिकायत में लिखा गया कि छात्रों ने वीसी और दूसरे स्टाफ को अंदर लॉक किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन पुलिस का इंतजार करने लगा। एसएचओ सुरेश पाल मौके पर आए। मगर छात्रों ने वीसी कार्यालय से हटने से इंकार कर दिया। एसएचओ और छात्रों में भी गहमागहमी हुई। छात्रों ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार कर लें। मगर वे कार्यालय के बाहर से नहीं हटेंगे। पुलिस ने एबीवीपी और सीडीएलयू के लॉ विभाग के करीब 34 छात्र, छात्राओं को हिरासत में ले लिया। सभी को हुडा पुलिस चौकी ले जाया गया। चौकी में पुलिस ने आठ छात्राओं को छोड़ दिया। मगर 24 छात्रों को चौकी में ही बैठाए रखा।

चायके दौरान चर्चा में भी नहीं निकला हल

इससेपहले डीन ऑफ कॉलेजिज प्रोफेसर एसके गहलावत ने छात्रों को बार बार समझाने के प्रयास किए। मगर छात्र उन्हें कह रहे थे कि अबकी बार आप बीच में आए। छात्रों ने उनके पैर भी छुए। सभी ने चाय एक साथ बैठकर पी।

नॉन टीचिंग ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

सीडीएलयूकी नॉन टीचिंग एसोसिएशन ने शाम चार बजे एसपी को विश्वविद्यालय में आउटसाइडर के प्रवेश बंद करने के लिए ज्ञापन सौंपा। नॉन टीचिंग एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र बेनीवाल और कुलदीप गहलावत ने कहा कि आउटसाइडर के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में उसी समय ही दस छात्राएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गई। छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में विश्वविद्यालय की छात्राओं ने वीसी कार्यालय के आगे ही भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्राओं ने वीसी को हटाने की मांग की।

लॉ के असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ शुरू हुआ था धरन, अब वीसी पर टारगेट

सबसेपहले लॉ के छात्र विकास ने अपने ही विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कुछ साथियों के साथ धरना प्रदर्शन शुरू किया था। सीडीएलयू प्रशासन ने उसकी मांग पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। वास्तव में लॉ के छात्रों और एबीवीपी का धरना लॉ के प्राध्यापकों के खिलाफ था। बधुवार को वीसी ने छात्र नेता को गर्दन से पकड़ने और विश्वविद्यालय प्रशासन के झूठे आश्वासनों के कारण छात्र वीसी के खिलाफ हो गए।

आउटसाइडर बिगाड़ रहे हैं विश्वविद्यालय का माहौल

^छात्रोंकी जायज मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था। मगर कुछ आउटसाइडर विश्वविद्यालय का माहौल बिगाड़ने पर तुले हुए है। छात्रों को भड़का रहे हैं। मेरा छात्रों से अनुरोध है कि वे किसी के बहकावे में आकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।\\\'\\\' राधेश्यामशर्मा, वीसी, सीडीएलयू।

सीडीएलयू में वीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे एबीवीपी के छात्रों में से जब एक छात्र को वीसी आरएस शर्मा ने गर्दन से पकड़ा तो प्रदर्शनकारी छात्र भड़क उठे।