अवैध पेयजल कनेक्शन काटे जाएंगे
शहरवासीबिना पैसे के पीने का पानी पी रहे हैं। शहर में अवैध कनेक्शन लगा रखे हैं। वहीं जिनके वैध कनेक्शन लिए हैं उन्होंने अभी तक बिल नहीं भरा है। इससे शहरवासी बिना खर्च के पानी पी रहे हैं। अब पब्लिक हेल्थ विभाग पेयजल अवैध कनेक्शनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाने का मन बना लिया है। सर्वेक्षण के बाद विभाग ने अब अवैध नल कनेक्शन वालों को हटाने का फैसला लिया है। वहीं बकाया पानी के बिलों की वसूली की जाएगी। विभाग ने आदेश भी जारी किए हैं कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो कनेक्शनों को काटना शुरू कर दिया जाएगा। विभाग का उपभोक्ताओं से 30 लाख रुपये बकाया पड़ा है।
32हजार है वैध कनेक्शन
पब्लिकहेल्थ विभाग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो शहरी क्षेत्र में महज करीब 32 हजार ही वैध तरीके से पानी के कनेक्शन लिए हुए हैं। यानि 80 प्रतिशत आबादी ही वैध तरीके से पानी पी रही है जबकि 20 प्रतिशत शहरवासियों के पास जो पानी पहुंच रहा है, वह अवैध तरीके से पहुंच रहा है।
विभागीय रिपोर्ट पर विश्वास किया जाए तो कम से कम 10 हजार पानी के कनेक्शन अवैध तरीके से चल रहे हैं। यानि इन कनेक्शनों से सप्लाई का पानी लेने वाले लोग किसी भी तरह अदायगी नहीं करते और ही कनेक्शन लिया है।
30 लाख रुपये बकाया
शहरमें 4500 उपभोक्ताओं से विभाग द्वारा 30 रुपये पेयजल बिल बकाया पड़ा हुआ है। अभी तक उन्होंने पेयजल बिल नहीं भरा है। इसी को लेकर पानी का अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ विभाग ने सख्त कार्रवाई अमल में लाने का मन बना लिया है। पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीओ इंद्र सिंह ने कहा कि विभाग पेयजल के अवैध कनेक्शन हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। वहीं जिन घरों में मीटर नहीं वहां पर मीटर लगाय जाएंगे।
मीटर लगे तो 1.25 रुपये में हजार लीटर पानी
पब्लिकहेल्थ विभाग की योजना के अनुसार अगर किसी उपभोक्ता को पानी का मीटर लगाना जरूरी है। जिसमें घरेलू मीटर पर एक यूनिट के हिसाब से एक हजार लीटर पानी पर महज 1.25 रुपये का चार्ज लिया जाता है। अगर किसी उपभोक्ता के मीटर नहीं है तो 120 रुपये का शुल्क लिया जाता है यानि 1 लाख 20 हजार लीटर पानी का पैसा। सिर्फ अवैध कनेक्शनों पर ही नहीं बल्कि मीटर नहीं लगाने वालों पर भी विभाग की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।