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श्री गोशाला कार्यकारिणी का सामूहिक इस्तीफा

6 वर्ष पहले
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गोशाला में गायों की दुर्दशा

श्रीगोशाला में गोवंश की दुर्दशा होने से नाराज शहरवासियों ने मंगलवार को प्रधान बाबूराम गोयल का भगतसिंह चौक पर पुतला फूंका और उसके खिलाफ नारेबाजी की। प्रधान ने शहरवासियों द्वारा पुतला फूंकने की सूचना पाकर तुरंत प्रभाव से कार्यकारिणी भंग करने का ऐलान कर दिया और अपना इस्तीफा अनशनकारियों के पास भिजवा दिया। प्रधान बाबूराम का इस्तीफा लेकर पहुंचे उनके बेटे अतुल गोयल और दो अन्य पदाधिकारी गो भक्तों के पास पहुंचे। उन्होंने वहां पर जाकर माना कि उनसे लापरवाही हुई होगी। इसलिए उन्हें क्षमा करें, भविष्य में ऐसा नहीं होगा। अब आप अनशन तोड़ दिजिए। इस पर भूख हड़ताल पर बैठे गो भक्तों ने सचिव भागीरथ का इस्तीफा दिखाने की बात कही। इस पर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि उस पर उनका जोर नहीं है। वे तो सिर्फ खुद की बात कर सकते हैं। इतना सुनते ही धरने पर बैठे अन्य गोभक्त बोले असली जड़ तो सचिव भागीरथ ही है। जब तक वह इस्तीफा देकर यह बात स्वीकार नहीं करता कि वह भविष्य में गोशाला की कमेटी के किसी भी पद का चुनाव नहीं लड़ेगा। वहीं गोशाला की प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह से जांच करके मामले को सार्वजनिक करें।

भागीरथअड़ा जिद पर बोला, चुनाव लडूंगा

श्रीगोशाला कमेटी के सचिव पद संभाल रहे एडवोकेट भागीरथ गुप्ता ने पिछले सात दिन से अनशन पर बैठे गो भक्तों की शर्त मानने से साफ इंकार कर दिया। उसने मोती सैनी के माध्यम से मैसेज भिजवाया कि चाहे भूख हड़ताल पर कोई बैठे या ना बैठे। उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। वह गोशाला का ट्रस्टी है और वह 15 फरवरी को होने वाले चुनाव में पदाधिकारी के किसी भी पद का चुनाव जरूर लड़ेगा। वह अपने पद से इस्तीफा भी नहीं देगा। सचिव भागीरथ का ऐसा मैसेज मिलने के बाद गो भक्त और धरने पर बैठे शहरवासी भड़क गए। बोले भागीरथ की गोशाला में एंट्री बंद करो। उसे ट्रस्ट से बाहर निकालो। इस पर कमेटी के पदाधिकारी ट्रस्टी नवीन केडिया ने अपनी असमर्थता जता दी। उन्होंने कहा कि वे उन्हें बाहर नहीं निकाल सकते और उसके चुनाव लड़ने की गारंटी भी नहीं ले सकते। इस पर अनशनकारी सुशील सैनी ने कहा कि भागीरथ जिद करता है तो वह भी जिद करना जानता है।

श्री गोशाला के प्रधान का पुतला फूंकने से पहले रोष जताते गोभक्त।

मां बोली, गोसेवा करना बड़ा धर्म है

गोवंशकी दुर्दशा को लेकर पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे बीमार सुशील सैनी की मां भंवरी देवी सात दिन बाद अपने बेटे का हाल चाल जानने पहुंची। उन्होंने जाते ही बेटे के सिर पर हाथ फेरा और बोली बेटा गाय की सेवा से बढ़कर किसी की सेवा नहीं। इसके लिए धरने पर डटा रै। श्री गोशाला के आगे सात दिनों से अनशन पर बैठे सुशील सैनी, भगवानदास, अानंदस्वरूप सैनी सहित अन्य का अनशन शाम साढ़े सात बजे प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने तुड़वाया। एसडीएम चहल ने कहा कि उन्हें सात दिन का समय दे दो। वे गोशाला का रिकार्ड कब्जे में लेकर एक एक चीज की जांच करके आपको रिपोर्ट दे देंगे।

सुभाष चौक क्षेत्र की महिलाओं ने दिया समर्थन

गोशालामें लगातार मर रही गाय की सूचना पाकर मंगलवार की सुबह सुभाष चौक क्षेत्र की महिलाओं ने गो भक्तों को समर्थन दिया। वे जाकर धरने पर बैठी और गाय को हरा चारा भी खिलाया। सोमनाथ शर्मा परिवार की महिलाओं ने गो दुर्दशा के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसके अलावा पंजाबी सभ्याचार सभा के सदस्य भी वहां पहुंचे। वहीं अनेक सामजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने गो भक्तों का हौंसला बढ़ाया।

डीसी से मिले कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष

श्रीगोशाला के खिलाफ लग रहे आरोपों की जांच करवाने के लिए हरियाणा गोशाला संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष संतलाल शर्मा, खूबराम सूथार, गो सेवा आयोग के सदस्य रामसिंह कागदाना डीसी मिलने पहुंचे। उन्होंने गोशाला की दुर्दशा का विवरण डीसी को दिया। उसके बाद जांच की मांग की। डीसी निखिल गजराज ने दो दिन में टीम बनाकर गोशाला की पूरी जांच करवाने का भरोसा दिलाया। डीसी ने कहा कि आप शीघ्र उनका अनशन तुड़वाओ।

अलीकां की गोशाला में भी नियमित रूप से नहीं होती साफ सफाई