खंड स्तर पर होने चाहिए स्पीड के ट्रायल
प्रदेशमें नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों प्रशिक्षकों के लिए पुरस्कारों की घोषणा की गई लेकिन निचले स्तर पर इसका लाभ मिलना मुश्किल है। कारण है कि स्कूली बच्चों को खेलों में दक्षता के बल पर छात्रवृति पाने के लिए चल रही योजना स्पीड 2015 के लिए खंड की बजाय जिला मुख्यालय स्तर पर ट्रायल होना। जिसके लिए प्रशासन की ओर से हजारों बच्चों को तो जिला मुख्यालय तक पहुंचने का किराया दिया जाता है और ही प्रशिक्षकों को।
राजकीय निजी स्कूलों में 8 से 19 वर्ष तक के बच्चों को खेलों में क्षमता के आधार पर छात्रवृति के लिए 4 वर्ष पहले शुरू की गई स्पैट योजना का नाम बदलकर स्पीड योजना कर दिया गया है। जिसके तहत स्कूल स्तर पर बच्चों के चयन जनवरी में हो चुका है लेकिन अब दूसरे स्तर का ट्रायल खंड स्तर पर करने की बजाय सीधे जिला स्तर पर कर दिया गया है। जिससे प्रत्येक स्कूल से 30 से 50 बच्चों को ट्रायल के लिए जाना होगा लेकिन इसके लिए चयनित बच्चों को स्कूल प्रशासन की ओर से ट्रायल में 62 किलोमीटर दूर पहुंचने को तो वाहन सुविधा उपलब्ध है और ही डाइट किराए की कोई व्यवस्था की गई है। खेलों में चयनित सरकारी स्कूलों के अधिकतर बच्चे जरूरतमंद परिवारों से होने के चलते अपने स्तर पर भी किराए और डाइट की व्यवस्था करने में असमर्थ हैं।
स्कूल स्तर पर अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों गुरमेल सिंह, लवप्रीत, धर्मप्रीत सिंह, तरसेम सिंह, सीमा रानी, किरणजीत कौर अन्य ने कहा कि पिछली बार स्कूल स्तर पर चयन के बाद उन्हें शहर के स्टेडियम में ही ट्रायल लिया गया था। जिससे सभी बच्चे अपनी प्रतिभा दिखा सके और अधिकतर जिला स्तर पर पहुंचे थे। इसके बाद प्रदेश स्तर के लिए 63 बच्चों को चयन हुआ था जिन्हें एक वर्ष के लिए छात्रवृति मिली लेकिन इस वर्ष तो उन्हें सिरसा जिला मुख्यालय स्थित खेल स्टेडियम में बुलाया गया है। जिसके लिए तो स्कूल स्टाफ उन्हें वाहन उपलब्ध करा रहा है और ही वे खुद किराए का खर्च वहन कर सकते हैं। इससे उन्हें खेलों में ज्यादा मौका मिलने की बजाय खंड स्तर पर खुद को साबित करने का मौका भी जा रहा है। इस बारे में पीटीआई नीलम रानी पन्नीवाला मोरिकां, अनिल कुमार मांगेआना, अरविंद कुमार राजपुरा माजरा कुलविंद्र सिंह मटटदादू ने बताया कि बच्चों को जिला स्तर पर ले जाने के लिए अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। जिसके लिए किराया और डाइट का कोई भत्ता नहीं मिलने वाला जिससे उपमंडल के करीब 2 हजार बच्चों को प्रतिभा दिखाने में आर्थिक संकट का सामना करना होगा।
परीक्षाओं के बीच बच्चों के खेल
स्कूलस्तर पर चयनित सभी बच्चों को सिरसा ले जाने का कार्यक्रम पहली बार बना है। इसके लिए किराए डाइट अलाउंस के बारे में स्थिति उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाकर राय ली जाएगी। जिसके आधार पर स्कूलों में व्यवस्था की जाएगी।’’
संतकुमारबिश्नोई, बीईओ, डबवाली