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श्री गोशाला में ठंड फूड प्वाइजनिंग से मर रहीं गाय, प्रबंधन की खुली पोल
पोस्टमार्टमरिपोर्ट में ये साफ हो गया है कि श्री गोशाला प्रबंधन कमेटी ने गायों के रख-रखाव में ढिलाई की है जिसकी वजह से लगातार गाय मर रही है। पिछले नौ दिनों में 31 गाय मरने के सच का खुलासा हो गया है। गोशाला में लगातार मर रही गायों के इस सिलसिले में गुरुवार को भी तीन गायों की मौत हो गई। मोहल्वासियों और गोभक्तों ने गोशाला प्रबंधन कमेटी के खिलाफ हड़ताल रोष जताया तब जाकर प्रशासन जागा।
श्री गोशाला में प्रतिदिन हो रही गाय की मौत की वजह जानने के लिए प्रशासन ने पशुपालन विभाग से मृत गाय का पोस्टमार्टम करवाया था। वेटरनरी सर्जन भारत भूषण सुनेजा द्वारा किए गए तीन मृत गाय के पोस्टमार्टम में दो गाय की मौत की वजह निमोनिया फूड प्वाइजनिंग बताया है। एक गाय की मौत की वजह पेट में पॉलीथीन पाया जाना माना गया है। वेटरनरी सर्जन ने रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार को सौंप दी है। डॉक्टर भारत भूषण का कहना है कि निमोनिया ठंड लगने के कारण हुआ है। वहीं फूड प्वाइजनिंग अच्छा चारा मिलने साफ सफाई होना भी हो सकता है। यहां बता दें कि गाय काफी दिनों तक गाद में फंसी हुई थी। इस वजह से उसे ठंड लग गई और उसको निमोनिया हुआ है। वहीं पॉलीथीन की वजह से मरी गाय ने पॉलीथिन खाये हुए थे। संभवत: वह शहर से आई होगी। जब यहां पर उसने पराली या तूड़ी खाई है। उससे उसके पेट में बंद पड़ गया और मौत हो गई।
गायों के खून की जांच करवाने की दी सलाह
पशुपालन विभाग के वेटरनरी सर्जन डा. भारत भूषण ने श्री गोशाला की गाय को स्वस्थ रखने की सलाह देते हुए बताया कि सभी गाय के खून की जांच होनी चाहिए। उनको कैल्शियम, खल सरसों का तेल भी अगर दे दिया जाएगा तो उनको ताकत मिलेगी। इसके अलावा सबसे अधिक जरूरी है। वर्ष में दो बार पेट के कीड़े मारने की दवा दी जाए। वहीं साफ सफाई रखना जरूरी है। इसके अलावा गाय को प्रतिदिन घूमने के लिए खुला भी छोड़ना चाहिए।
श्री गोशाला मंे खड़ी गाय, कुछ दिन पहले यहां गायों के घुटनों तक गाद थी।
बीमार गाय को दें अधिक हरा चारा गुड़
वेटरनरीसर्जन के अनुसार दानी सज्जनों को बीमार पड़ी गाय को हरा चारा अधिक नहीं डालना चाहिए। उन्हें गुड़ भी अधिक मात्रा में खिलाया जाए। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन श्री गोशाला में जाते हैं। उन्होंने देखा है कि जो भी दानी सज्जन वहां जाता है। वह सीधा बीमार गाय को ही हरा चारा गुड़ डालता है। इसलिए उन गाय को बहुत अधिक मात्रा में चारा गुड़ मिल जाता है। इसलिए पचाने की शक्ति बीमारी की वजह से कमजोर होने के कारण वह चारा गुड़ उनके लिए मुसीबत बन जाता है। जिससे उनकी जान चली जाती है।
श्री गोशाला के चुनाव 15 को ,130 सदस्य चुनेंगे प्रधान सचिव
15फरवरी को गौशाला की नई कमेटी के चुनाव होंगे। इसी दिन नामांकन होगा। इसके पश्चात फार्मों की जांच होगी और नाम वापसी के पश्चात जरूरत पडऩे पर सायं 3 बजे से 5 बजे तक मतदान होगा। यहां बात दें है कि श्री गोशाला के 130 सदस्य हैं। जिनमें शहर के डॉक्टर, एडवोकेट, समाजसेवी, व्यापारी धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोग शामिल हैं। लगभग तीन दशक के बाद श्री गोशाला के चुनाव होने की नौबत आई है। इससे पहले सर्वसम्मति से प्रधान सचिव का चुनाव होता आया है।