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पर खड़ा होगा ब्रिज

7 वर्ष पहले
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राहत: रेलवे ओवरब्रिज पर गार्डर लाचिंग प्रक्रिया शुरू

जीटीरोड से राई वाया नाहरा बहादुरगढ़ जाने के लिए दिल्ली अंबाला रेलवे ट्रैक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज पर गार्डर लांचिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि यात्रियों को अभी एक साल और इंतजार करना होगा। यह तय समय एक साल पीछे है।

निर्माण 35 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस आरओबी की अगले महीने की 14 तारीख को निर्माण की सीमा समाप्त हो रही है। देरी के पीछे अधिकारियों को दलील है कि बिजली पोल सीवर लाइन समय से शिफ्ट नहीं हो सका। जिसके कारण निर्माण कार्य में देरी हुई है। हालांकि अब कार्य तेज गति से किया जा रहा है। फोरलेन का यह आरओबी 58 पिलर पर खड़ा होगा। इसकी दोनों तरफ लंबाई समान है। पुल का निर्माण कार्य अब जमीन से ऊपर दिखाई पड़ने लगा है। आरओबी का निर्माण कार्य 14.10.2012 को एमबीएल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को अलाट किया गया था। जिसके दो सालों के भीतर निर्माण कार्य को पूरा करना था। दूसरे विभागों के सहयोग नहीं मिलने के कारण काम सही समय पर पूरा नहीं हो सका।

जल्द ही पूरा करेंगे कार्य

बेहतर यातायात प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। राई नाहरा बहादुरगढ़ रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य अब गति पकड़ लिया है। गार्डर लांचिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।\\\'\\\' पंकजगौड़, एसडीओ,पीडब्ल्यूडी, सोनीपत।

रेलवे ओवर ब्रिज में कुल 352 पाइल कास्ट की गई है। जिसमें चार पाइलों का एक सेट बनाकर उस पर पिलर खड़ा किया गया है। जिसके तहत 58 पिलर इसमें कुल खड़े हुए है। जिस पर आरओबी की गार्डर लांचिंग की प्रक्रिया अब शुरू की गई है। पैदल यात्रियों के लिए दोनों तरफ एक एक मीटर का फुटपाथ बनाया जाना है। पुल की कुल लागत 35 करोड़ रुपए है। जबकि एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल इससे अधिक की है। जिसमें बिजली निगम के पोल शिफ्टिंग सीवर सहित दूसरों कार्यों पर खर्च किया गया है।

राई नाहरा बहादुरगढ़ रेलवे ओवर ब्रिज फोर लेन का है। यह रेलवे लाइन के दोनों तरफ समान और सीधा आरओबी है। रेलवे लाइन से साढ़े छह मीटर की हाइट पर इस का निर्माण होना है। इसकी कुल लंबाई 950 मीटर है। राई की ओर 475 मीटर और बहादुरगढ़ की ओर 475 मीटर।

पीडब्ल्यूडी के जेई राजेश गुप्ता ने बताया कि आरओबी का निर्माण अपने तय समय से