पौने दो साल से नहीं मिल रहा है रास्ता
पौनेदो सालों से ककरोई रोड इलाके के लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। आलम ये है कि लोगों को एक किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। जनवरी 2013 में जलापूर्ति स्वच्छता विभाग द्वारा सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू किया गया था। जिसे एक साल के अंदर पूरा करना था। लेकिन आज तक यह कार्य 70 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। बीच में टर्म एंड कंडीशन को लेकर ठेकेदार ने काम रोक दिया था। इस दौरान करीब चार महीने कार्य बंद रहा। इससे इलाके के लोगों की शहर से कनेक्टिविटी ही टूट गई है।
एक जनवरी 2013 को जलापूर्ति स्वच्छता विभाग द्वारा ठेकेदार को ककरोई में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए नई सीवर लाइन डालने का कॉन्ट्रेक्ट दिया गया। कांट्रेक्ट के तहत साढ़े चार किलोमीटर लाइन जमीन से 35 फीट नीचे डालनी है। यह कार्य सात करोड़ रुपए में जारी किया गया। जिसे एक साल पूरा करना था। लेकिन कुछ तकनीकी खामियों अन्य कारणों से यह लंबाई 2330 मीटर कर दी गई। राशि घटकर पौन पांच करोड़ रुपए हो गई। जबकि निर्माण करने का समय भी छह महीने कर दिया गया। इस काम को शुरू हुए अब एक साल नौ महीने का समय बीतने को है और काम केवल 70 प्रतिशत कार्य हुआ है। इस कारण इस इलाके के लोगों को शहर में आने में बेहद मुश्किल हो रही है। इस बीच रहने वाले लोगों को पैदल ही यात्रा करनी पड़ रही है। जिससे लोगों में काफी रोष है।
सीवर लाइन बिछाने में अनियमितता बरती जा रही है। इसकी शिकायत भी कई बार की गई। लेकिन आज तक किसी प्रकार की जांच नहीं हुई। शिकायत में सीवर लाइन के नीचे रोडिय़ां नहीं डाली गई। मेनहोल जो दीवार सरिया और आरएमसी से बनाया जाना प्रस्तावित था। उसे ईंट का बना दिया गया। लाइन का कोई लेवल नहीं है। साथ ही मेनहोल को ढकने वाले ढक्कन की गुणवत्ता भी खराब है। इस प्रकार की शिकायत कई बार अधिकारियों को की गई है। लेकिन सब नजर अंदाज कर कार्य कराया जा रहा है।
सोनीपत. सीवरलाइन डालने के लिए जेसीबी से खोदा गया ककरोई रोड का रस्ता।