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गुरुद्वारों में गुरुपर्व की धूम: गुरु इितहास सुन निहाल हुई संगत

7 वर्ष पहले
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गुरुनानक के 544वें प्रकाश उत्सव पर गीता भवन चौक स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा द्वारा गुरुद्वारा में प्रकाश उत्सव धूमधाम से मनाया गया। जिसके लिए सुबह सुबह साढ़े नौ बजे से गुरुद्वारा में कीर्तन शुरू हो गया। इसके साथ ही अटूट लंगर का भी आयोजन भी किया गया। लंगर कई स्थानों पर लोग पहले से ही सेवाएं दे रहे थे। बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे। जो उनसे सेवा करने का मौका देने के लिए विनती कर रहे थे। लेकिन जो कर रहा था, वह चाहता था कि अधिक देर तक अपनी सेवा दे।

यह स्थिति लंगर, शूज़ रखने के स्थान से लेकर कई जगह पर देखने को मिली। मुख्य ग्रंथी भाई जसवीर सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं ने बहुत आशा और विश्वास के साथ गुरु साहब के सामने शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन भी पहुंची। उन्होंने कहा कि गुरूनानक देव ने अपना पूरा जीवन समाज की भलाई में समर्पित किया। शाम को सात बजे रात एक बजे तक दीवान और अरदास फिर हुआ। जिसके बाद भव्य आतिशबाजी की गई। अशदीप लुधियाना वाले पवनदीप सिंह ने गुरु की शान में कीर्तन सुनाया और उनके जीवन से लोगों को रूबरू कराया। इस दौरान पूरा गुरुद्वारा परिसर आसपास का माहौल पूरी तरह से नजर रहा था।

सोनीपत. गीताभवन गुरुद्वारा में गुरु इतिहास सुन निहाल होती संगत।