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अब तक ये थी प्रक्रिया

7 वर्ष पहले
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^वृद्धावस्था पेंशन बुजुर्गों की जरूरत में शामिल है। पहले जो नियम बनाए गए थे उनमें काफी विसंगतियां कई जगह पर देखने को मिलती है, लेकिन सुधार की प्रक्रिया में काम हो रहा है। सरकार निदेशालय का यह फैसला बुजुर्गों के लिए राहत भरा है। जिससे वह आसानी से पेंशन का लाभ ले सकेंगे। वोटर कार्ड मैट्रिक की मार्कशीट आयु दर्शाने के लिए काफी है।\\\'\\\' विरेंदरसिंह, समाजकल्याण अधिकारी, सोनीपत।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेने के लिए आवेदक को एक फार्म विभाग से दिया जाता है। जिस पर उसे अपने नाम पते सहित राशन कार्ड की कापी, वोटर कार्ड, सरपंच पार्षद की अप्रूवल करानी होती है। सिविल अस्पताल का चिकित्सक आवेदन फार्म पर दर्शाई गई उम्र को अप्रूव करता है। इसके बाद भी लोगों को पेंशन का लाभ नहीं मिलता। अब विभाग द्वारा अगर पात्र के पास वोटर कार्ड है या फिर मैट्रिक का सर्टिफिकेट जिस पर डेट ऑफ बर्थ लिखी होती है। आवेदक को स्वयं लिखा एक शपथ पत्र देना होगा। जिस पर उम्र और दी गई जानकारी सही होने का जिक्र होगा।

अब नहीं लगाने होंगे अस्पताल के चक्कर

भास्कर न्यूज | सोनीपत

सामाजिकन्याय अधिकारिता विभाग ने बुजुर्गों को राहत दी है। उन्हें सिविल अस्पताल के चिकित्सकों से उम्र वेरीफिकेशन कराने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है।

अब बुजुर्गों के पास अगर सर्टिफिकेट है या फिर उम्र को दर्शा सके ऐसा कोई दस्तावेज तो सिविल अस्पताल नहीं जाना होगा। बुजुर्गों की शिकायत रहती थी कि उनके पास सभी दस्तावेज होते हैं। इसके बावजूद चिकित्सीय जांच कराने को कहा जाता है। उन्हें अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते थे पर इससे आजादी दे दी गई है। बड़ी संख्या में बुजुर्गों के पास पेंशन ही एकमात्र सहारा है, लेकिन पेंशन बनाने से पहले इतने तरह की र्फामाल्टी बता दी जाती हैं कि उन्हें पूरा करने में काफी परेशानी होती है। वहीं जिसकी जान पहचान कर्मचारियों को किसी तरह का डर है तो सहज की पेंशन बना दी जाती है। इस तरह की शिकायतें लगातार विभाग के उच्च अधिकारियों को मिल रहीं थीं। जिसके मद्देनजर प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास चल रहा है।