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बंदियों को ले जाने वाले कर्मियों पर लगाम

7 वर्ष पहले
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जिलाकारागार से बंदियों को रोजाना कोर्ट में पेशी के लिए लेने जाने वाले पुलिस कर्मचारी अब साथी पुलिस कर्मियों से सांठगांठ करके ड्यूटी से फरलो नहीं मार सकेंगे। इसके लिए सख्ती की जा रही है।

बंदी को कोर्ट में पेश करने वाले पुलिस कर्मचारियों के लिए जेल के बाहर बनाए गए रूम में बायो मैट्रिक मशीन लगाई गई है। जहां पुलिस कर्मचारियों को सुबह बंदी ले जाते समय शाम को बंदी जेल में छोड़ते समय अंगूठे से हाजिरी लगानी होगी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोनीपत जेल से हर रोज 100 के करीब बंदियों की कोर्ट में पेशी होती है। कई बंदियों को तो पेशी के लिए अन्य जिलों की कोर्ट में ले जाना पड़ता है। बंदी की सुरक्षा के लिए तीन से चार पुलिस कर्मचारी तैनात किए जाते हैं, लेकिन कई बार पुलिस कर्मचारी आपस में मिलीभगत करके ड्यूटी से फरलो मार जाते थे। अर्थात ड्यूटी यदि चार पुलिस कर्मचारियों की लगाई है तो दो पुलिस कर्मचारी ही बंदी को ले जाते थे।

मामले की जांच करते हुए अब हरियाणा पुलिस ने इस समस्या का स्थायी समाधान खोज निकाला जेल के बाहर बायोमैट्रिक मशीन लगाई है। जहां ड्यूटी पर तैनात किए गए हर पुलिस कर्मचारी को सुबह के समय भी शाम के समय भी हाजिरी लगानी होगी। जो सुरक्षाकर्मी इस मामले में लापरवाही करेंगे विभाग उसके खिलाफ सख्त विभाग कार्रवाई करेगा।

>बायोमैट्रिक मशीन लगने के बाद पुलिस कर्मचारी ड्यूटी में लापरवाही करते हुए डरेंगे।

>बंदी का सुरक्षा दायरा मजबूत होगा तो वह भागने में सफल नहीं हो सकेगा।

>बंदी पर हमला करने की सोचने वालों के लिए यह सब आसान नहीं होगा।

बंदियों की सुरक्षा के लिए हरियाणा पुलिस विभाग द्वारा जेल के बाहर बने एक कमरे में बायोमैट्रिक मशीन लगाई गई है। मशीन में हर उस पुलिस कर्मचारी को सुबह शाम हाजिरी लगानी होगी जो बंदियों को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाते हैं। पुलिस का सुरक्षा के दृष्टिगत यह बेहतर कदम है।\\\'\\\' -जयकिशनछिल्लर, जेलअधीक्षक।

सख्ती

जेल के बाहर बायो मैट्रिक मशीन से लगेगी हाजिरी, पुलिस कर्मचारी नहीं मार सकेंगे फरलो