हर दिन मिल रहा है मलेरिया का एक केस
कमबारिश के बावजूद मच्छर जनित रोग मलेरिया ने लोगों की सेहत पर कहर बरपा रखा है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़े चौंकाने वाले हैं। बीते 8 माह में अब तक जहां 61 ही मरीज मलेरिया रोग से ग्रस्त पाए गए थे। वहीं सितंबर आते ही मलेरिया ने स्पीड पकड़ ली है। 22 दिनों में जिले के अंदर 17 मलेरिया केस सिविल अस्पताल में ही पहुंचे गए हैं। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग में बेचैनी का माहौल है। सूत्रों ने बताया कि कमजोर मानसून के कारण मलेरिया इस बार इतना सक्रिय नहीं हुआ था। मौसम में नमी होने के कारण मलेरिया डेंगू ने जिले में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। जिसके परिणाम सामने आने लगे हैं।
मलेरिया डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। डेंगू के संदिग्ध मरीज सामान्य अस्पताल के इलाज पर भरोसा करके अपना इलाज दिल्ली अन्य बड़े अस्पतालों में करवाए रहे हैं। ऐसे में फील्ड की वास्तविक रिपोर्ट समय पर मुख्यालय तक पहुंचने से मलेरिया डेंगू संबंधित क्षेत्र में फैल रहा है। नरेंद्र नगर में मिले मां-बेटे का केस इसका जीता जागता उदाहरण है। महिला उर्मिल मिश्रा उसके बेटे अर्पित की जान मुश्किल से बची है। वहीं अब स्वास्थ्य विभाग इस बात का पता कर रही है कि उन्हें डेंगू था भी या नहीं।
28काॅलोनियां संवदेनशील, खूब मिल रहा है डेंगू का लार्वा : शहरके 28 काॅलोनियों को स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू मलेरिया के लिए संवेदनशील घोषित किया है। इनमें कोट मोहल्ला, पंचम नगर, पटेल नगर, राजेंद्र नगर, रेलवे कालोनी, इंद्रा काॅलोनी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन कालोनियों में लार्वा की जांच की गई तो दर्जनों घरों में डेंगू का लार्वा मिला।
मच्छर जनित रोगों को लेकर एहतियात बरती जा रही है। जिस भी क्षेत्र में मलेरिया पॉजीटिव केस मिल रहा है वहां बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं। कई लोग कूलर का पानी समय पर नहीं बदलते टंकी को भी समय पर साफ नहीं करते जिससे लार्वा पनपता है और एडीज मच्छर जन्म लेकर रोग फैलता है।\\\'\\\' डाॅ.परमानंद, मलेरियाअधिकारी अर्बन।