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धान खरीद की तैयारी शुरू एक से आवक की उम्मीद
धानकी फसल अब लगभग तैयार हो गई है। इसकी खरीद के लिए मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने भी कमर कस ली है। जिसके तहत मंडी में अब साफ सफाई अन्य सुविधाओं की ओर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें सबसे खास बात यह है कि मार्केट कमेटी द्वारा मंडी परिसर में ही शौचालय का निर्माण कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिसका इस्टीमेट मुख्यालय भेज दिया गया है। अप्रूवल मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे किसानों आढ़तियों को काफी सुविधा मिलेगी।
जिले के एक लाख 45 हजार हेक्टेयर जमीन पर धान की खेती होती है। हालांकि धान की फसल इस साल प्रभावित हुई है, लेकिन मार्केट कमेटी के अधिकारियों को उम्मीद है कि पिछले साल की तुलना में इस साल धान की आवक अधिक होगी। क्योंकि पिछले साल से अधिक किसानों ने इस बार धान की खेती की है। मार्केट कमेटी द्वारा स्थाई मंडियों के अलावा किसानों की सुविधा के लिए अस्थाई मंडियां भी बनाई जाती है। ताकि किसानों को ट्रांसपोर्ट अन्य चीजों पर अनावश्यक खर्च नहीं करना पड़े।
^मार्केट कमेटी द्वारा किसानों की सहूलियत के लिए साफ सफाई अन्य सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि अभी धान की आवक शुरू नहीं हुई है, लेकिन आवक से पहले ही विभाग तैयारी पूरी कर लेना चाहता है। ताकि किसानों को मंडी में आने पर किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।\\\'\\\' चंद्रप्रकाश,सेक्रेटरी,मार्केट कमेटी, सोनीपत।
मंडी के आढ़तियों से किसान की डील होती है। आढ़ती खरीदे हुए माल को मिलर के साथ सौदा करता है और बीच का कमीशन ले लेता है। हालांकि रेट जो किसान को दिया जाता है, वही आढ़ती मिलर से लेता है। इसमें उसका कमीशन सरकार द्वारा पांच प्रतिशत तय है जो वह मिलर से वसूलता है। सोनीपत में छह बड़े मिलर हैं। जो हर साल कई सौ करोड़ रुपए का चावल का आदान प्रदान करते हैं। सोनीपत के किसान शरबती, 1509, बासमती 1121 की फसल उगाते हैं। जिसका मार्केट में अच्छा रेट मिलता है। पिछले साल की तुलना में इस बार बताया जा रहा है कि बासमती का रकबा बढ़ा है। हालांकि मार्केट कमेटी की फीस बंद होने से मार्केट कमेटी को इससे कोई फायदा नहीं होने वाला है।