बच्चों में पढ़ने की आदत डालें शिक्षक
सोनीपत |स्कूलीशिक्षा अब आसान नहीं रही। विद्यार्थियों को अब पढ़ाने के लिए तैयार करना उन्हें पढ़ाने से कहीं अधिक मुश्किल हाे गया है। ऐसे में शिक्षकों के लिए जरूरी होगा कि वे बच्चों को उन्हीं की रूचि के अंदाज में पढ़ाए। पढ़ाना जरूरी है, क्योंकि वे ही देश का भविष्य है, इसलिए उन्हें पढ़ने की अादत डाली जाए। यह कहना है देश भर के स्कूलों में टीचिंग मैथेड समझाने वाली सपना अग्रवाल का। यहां ऋषिकुल विद्यापीठ स्कूल में आयोजित टीचर वर्कशाप में सोनीपत, रोहतक, पानीपत एवं भिवानी के शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षकों को टीचिंग संबंधित कई गुर सिखाए। इस मौके पर विभिन्न स्कूलों से आए शिक्षकों एवं प्रिंसिपल एवं निदेशकों को भी सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में स्कूल संस्थापक एसके शर्मा, प्रिंसिपल पीआर मोहनन,नेक्स्ट एजुकेशन कंपनी की ओर से दिनेश शकारिया, अमित कुमार, नीरज झा आदि उपस्थित थे।
इसप्रकार खुद में करना होगा बदलाव : शिक्षकोंसे सपना अग्रवाल ने कहा कि शिक्षकों को परंपरागत शिक्षण पद्धति से पहले खुद को बाहर लाना होगा। माडर्न तकनीक से खुद को जोड़ना होगा। अगर उसे कंप्यूटर का शौक है तो कंप्यूटर में पढ़ाई डालनी होगी, खेलों का शौक है उन्हें खेलने के अंदाज में पढ़ाना होगा। यहां तक कि तोड़ने फोड़ने से लेेकर वीडियो गेम एवं मोबाइल यूजर शौकीन बच्चों को भी उन्हीं की शैली में पढ़ाना होगा।