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अध्यापकों को नहीं काटने पड़ेंगे शिक्षा निदेशालय के चक्कर

7 वर्ष पहले
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अपनीजिन समस्याओं को लेकर शिक्षकों को लगातार निदेशालय के चक्कर काटने पड़ रहे थे, उनका समाधान अब अपने शहर में ही हो जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। विभागीय योजना का मकसद शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ निदेशालय स्तर पर किसी भी प्रकार की धांधलेबाजी रोकना है, क्योंकि जिला स्तर पर एसीपी के मामले निपटाने की कवायद शुरू होने के बाद प्रदेश के अध्यापकों को बार-बार पंचकूला शिक्षा सदन के चक्कर काटने की भी जरूरत नहीं पड़ेंगे।

अभीयह है व्यवस्था : विभागीयजानकारी के अनुसार मौजूदा समय अध्यापकों की प्रमोशन के लिए सभी जिलों के लेक्चरर और मास्टर्स के एसीपी के मामलों को निदेशालय स्तर पर निपटाता जाता है। जबकि जेबीटी, पीटीआइ, पंजाबी और सीएंडबी अध्यापकों के एसीपी के मामलों को विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला स्तर पर निपटा देता है। निदेशालय स्तर पर भेजे जाने वाले अध्यापकों के मामलों को निपटाने के लिए अध्यापक द्वारा अपनी सर्विस बुक और एसीआर प्रोफार्मा भरकर खंड और मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी के पास भेजा जाता है।

शिक्षा विभाग पहले तो 10, 20 और 30 साल बाद अध्यापकों की इंक्रीमेंट और प्रमोशन करता था, लेकिन करीब एक साल पहले इसमें बदलाव करते इस समय सीमा को विभाग की ओर से कम कर दिया गया था। अब यही प्रमोशन 8, 16 और 24 सालों बाद की जाती है। जैसे ही किसी अध्यापक का यह समय पूरा हो जाता है निदेशालय की ओर से उस अध्यापक के वेतन में चार सौ रुपये का इंक्रीमेंट लगाने और प्रमोशन की कवायद शुरू करता है।

हजारों अध्यापकों को मिलेगी राहत

शिक्षक अतुल कुमार, दिनेश कुमार रविन्द्र कुमार आदि का कहना है कि शिक्षा विभाग अगर जल्द ही एसीपी मामलों को जिला स्तर पर निपटाने की योजना शुरू कर देता है तो ऐसे में प्रदेश के कई हजार लेक्चरर और मास्टर्स को बहुत राहत मिल जाएगी। जिला स्तर पर शुरू किए जाने के बाद ऐसे अध्यापकों को किसी भी रिपोर्ट के लिए पंचकूला शिक्षा सदन निदेशालय में चक्कर काटने नहीं पडे़ंगे, क्योंकि कई अवसरों पर शिक्षकों की की एसीपी की फाइलें और सर्विस बुक तक भी निदेशालय के रखे एक कमरे से गुम होने की भी शिकायते मिली है।

शिक्षक रहते हैं परेशान :निदेशालयमें फाइलें भेजने के बाद इन फाइलों पर कई-कई महीनों तक काम नहीं किया जाता है। जिसके च