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- उधार के मैदान पर खिलाड़ियों की सेहत की भी हो रही है अनदेखी
उधार के मैदान पर खिलाड़ियों की सेहत की भी हो रही है अनदेखी
यहहालात उस जिले के लिए निराशाजनक ही कहे जाएंगे, जिसने देश को ओलंपिक एशियाड में पदक विजेता दिए। नेशनल खेलों में हरियाणा को जिसने आगे रखा तथा राज्य ओलंपिक में भी जो टॉपर जिला है। वहां खिलाड़ियों के लिए खेलने का मैदान तक उपलब्ध नहीं है।
विभाग आयोजन का खर्च तो उधार के पैसों से चला ही रहा था, लेकिन अब मैदान भी उधार के मांगने पड़ रहे हैं। बात यही खत्म नहीं होती। विभाग के अधिकारियों की बात सुनी तक नहीं जाती और आयोजन करवाने के लिए उन्हें ग्राउंड नहीं मिलते। इस सारी व्यवस्था का खामियाजा उन बच्चों को भुगतना पड़ता है जो कड़कड़ाती ठंड में यहां राजीव गांधी खेल अभियान को सफल बनाने के लिए उसमें भाग लेने के लिए पहुंचे। इस आयोजन में आठ ब्लाकों के करीब दो हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। डीएसओ यशवीर गोयत ने इन खेलों का शुभारंभ कराया था।
हालातस्थिति पर एक नजर
एथलेटिक्स-खेलविभाग की ओर से सीअारए कॉलेज के एथलेटिक्स ग्राउंड को एथलेटिक्स इंवेंट को संपन्न करवाने के लिए मांगा गया, लेकिन कॉलेज प्रबंधन की ओर से सकारात्मक जवाब भी नहीं मिला। मजबूरी में आयोजन को हिंदू स्कूल, कोर्ट रोड पर निपटाया गया।
मुक्केबाजी-इसखेल में तो सरासर नियमों की घनघोर अनदेखी की गई, जो काफी हद तक मुक्केबाजों के सेहत के लिए भी ठीक नहीं थी। सबसे पहले तो जहां मुक्केबाजी जिसे स्पीड गेम माना जाता है उसे कुश्ती के मैट पर करवा दिया गया। उस पर प्रतिभागी बिना हेड गार्ड के खेले। यहां खेल ना होगा व्यवस्था का मजाक अभी हो रहा था।
फुटबाल-फुटबालप्रतियोगिता में प्रतिभागियों को ठंडी हवाओं के साथ-साथ धुल भी खानी पड़ी क्योंकि विभाग की कोशिशें अभी अंजाम तक नहीं पहुंची है और धूल के हल के लिए यहां सबमर्सिबल अभी तक नहीं लग सका है। जोकि परेशानियों का कारण बना हुआ है।
खेल लड़के लड़कियां
बाॅस्केटबाॅलसोनीपत ब्लाॅक सोनीपत ब्लाॅक
हैंडबाॅल सोनीपत ब्लाॅक राई ब्लाॅक
वालीबाॅल गोहाना ब्लाॅक गोहाना ब्लाॅक
हॉकी सोनीपत ब्लाॅक सोनीपत ब्लाॅक
कबड्डी कथूरा ब्लाॅक कथूरा ब्लाॅक
फुटबाॅल सोनीपत ब्लाॅक सोनीपत ब्लाॅक
कुश्ती में 42 केजी में परमेन्द्र, 46 में विकास, 50 केजी में सुनील, 54 केजी में आकाश, 58 केजी में अनिल, 63 केजी में सागर, 69 केजी में प्रवीन, 76 केजी में सचिन तथा 85 से अधिक के वजन वर्ग में प्रतीक अव्वल रहा। लड़कियों में