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हादसे के बाद हिम्मत जुटाकर सोच बदली, जीत लिया विश्व कप

7 वर्ष पहले
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जहांकभी आस जिंदगी जीने की भी नहीं थी, लेकिन अपनी सोच क्या बदली जिंदगी ही बदल गई। अब तो दुनिया को भी दिखा दिया कि एक नेत्रहीन भी कैसे दुनिया में देश का गौरव बढ़ा सकता है।

यहां बात गांव भैंसवाल के दीपक कुमार की हो रही है। जिसने नेत्रहीनता के कारण बेरंग हो चुकी जिंदगी को अपनी कड़ी मेहनत से इस कदर रंगीन बना दिया है कि आज उसका नाम उन खिलाड़ियों में शामिल हो गया है, जिसने देश को नेत्रहीन विश्व कप क्रिकेट में खिताबी जीत दिलाई है। यही दीपक का सपना था कि वह भारत की विश्व कप विजेता टीम का सदस्य बने, जो उसने पूरा कर लिया है। क्रिकेट के इस महासंग्राम का आयोजन दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में किया गया। रविवार को प्रतियोगिता का फाइनल था, इस सांस रोक देने वाले मुकाबले में भारत ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कट्टर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान पर तीन विकेट से जीत हासिल की। इससे पूर्व वर्ष 2012 में भी भारत ने पाकिस्तान को ही हराकर विश्व कप खिताब जीता था। भारत ने टॉस जीता और पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला लिया। पाकिस्तान ने बढ़िया बल्लेबाजी की और 40 ओवर में 390 रन का स्कोर खड़ा किया। भारत ने भी शानदार तरीके से सात विकेट खोकर तय लक्ष्य चौका लगाकर हासिल किया। भारतीय टीम के साथ जुड़े रवि चौहान ने बताया कि भारतीय टीम दस दिसंबर को स्वदेश लौटेगी। यहां पहुंचने पर नेत्रहीन खिलाड़ियों की फेडरेशन के साथ केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार उनकी अगवानी करेंगे। क्रिकेट सितारों की चाह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने की भी है।

भैंसवाल गांव में किसान हवा सिंह के पुत्र दीपक मलिक दीपावली पर दिए से पटाखे जलाते हुए उनकी आंखों खराब हो गई थीं। तब जिंदगी में अंधेरा ही लग रहा था, लेकिन सही समय पर मार्गदर्शन मिलने से दीपक ने अपने आत्म विश्वास की लो बुझने नहीं दी। दिल्ली में इंस्टीट्यूट फॉर ब्लाइंड में उसका इलाज हुआ। निदेशक बृजलाल शर्मा ने जहां आत्मविश्वास बढ़ाया तो कोच दीपक शर्मा और करतार सिंह ने उसे खेलने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में परेशानी तो हुई, लेकिन तैयारी नहीं छोड़ी। शुरुआत एथलेटिक्स से की। इसके बाद क्रिकेट खेलने लगा। बेहतर प्रदर्शन का इनाम भी उसे मिला। उसका चयन पाकिस्तान दौरे में हुआ। फिर भारत दौरे पर आई आस्ट्रेलिया के खिलाफ भी खेला, वहां बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दीपक दक्षिण अफ्रीका में विश्व कप खेलने में भी का