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सीबीएसई ने हालात बिगड़ते देख होम एग्जाम किए खत्म
कोशिशयहां विद्यार्थियों के दिमाग से बोर्ड एग्जाम का हौवा खत्म करने की थी, उस पर तो कोई असर पड़ा नहीं, लेकिन पढ़ाई के प्रति गंभीरता विद्यार्थियों से लेकर शिक्षकों के दिमाग से भी खत्म हो गई।
यही कारण है कि सीबीएसई ने हालात को और बिगड़ने से बचाने के लिए घरेलू परीक्षा को खत्म करने की तैयारी की है। नई व्यवस्था के मुताबिक आगामी शैक्षणिक सत्र से बाेर्ड एग्जाम ही संचालित होंगे। मौजूदा सत्र में भी परीक्षा प्रणाली में बदलाव किया जा रहा है। सीबीएसई की ओर कक्षा दसवीं से बोर्ड परीक्षा को वर्ष 2008-9 के सत्र के बाद से बंद कर दिया गया था। अभी विद्यार्थियों के पास विकल्प थे कि वे बोर्ड एग्जाम में हिस्सा ले अथवा घरेलू एग्जाम में।
10वीं के बोर्ड एग्जाम और स्कूल बेस्ड एग्जाम का रिजल्ट मई में एक साथ जारी किया जाएगा। सभी स्टूडेंट्स को बोर्ड की ओर से यूनिफॉर्म सर्टिफिकेट जारी होगा। स्कूल में होने वाले एसए-2 की ग्रेड स्कूलों को सीबीएसई के पास भेजनी होगी और फिर सीबीएसई हर स्टूडेंट के नाम का सर्टिफिकेट तैयार करेगा और उसमें उसका रिजल्ट होगा। सीबीएसई ने स्कूलों से कहा है कि किसी भी हालत में स्टूडेंट्स को एसए 2 के मार्क्स नहीं बताए जाने चाहिए।
बोर्ड को इस बाबत काफी शिकायतें मिल रहीं थीं कि स्कूलों द्वारा होम एग्जाम की आड़ में मनमानी की जा रही है। जहां छात्रों के नंबर स्कूल शिक्षकों के हाथ में ही होते हैं। छात्रों का परीक्षा परिणाम स्कूल बोर्ड परीक्षा परिणाम से पहले ही तैयार कर लेते हैं। 31 मार्च से पहले स्कूल दसवीं और बारहवीं का परीक्षा परिणाम छोड़ सभी कक्षाओं का परीक्षा परिणाम जारी करते हैं। इसके बाद दसवीं में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों को बुलाकर साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम देने के नाम पर मनमानी चलती थी। सबसे परेशानी वाली बात यह है कि दसवीं पास करने वाले छात्रों को उत्तीर्ण प्रतिशत तो बढ़ गया है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में कमी आई है।
सीबीएसई की ओर से कक्षा दसवीं से घरेलू एग्जाम को अब खत्म किया जा रहा है। अभिभावकों की ओर से इसे लेकर एचआरडी मिनिस्टर को भी पत्र लिखा गया है। मौजूदा सत्र में भी बदलाव किया जा रहा है।\\\'\\\' एमसीशर्मा, परीक्षानियंत्रक, सीबीएसई।
परीक्षा का असर मानसिकता से जुड़ा है। हम दबाव में काम करने के आदी हैं। अभी परीक्षा को लेकर दबाव नहीं है तो विद्यार्थी बेफ्रिक हैं,