एक खिलाड़ी की गलती टीम पर पड़ेगी भारी
स्कूलीखेलों में अगर कोई खिलाड़ी कागजी तौर पर नियमों की अनदेखी करते हुए पाया जाता है तो वह खिलाड़ी तो बाहर होगा ही साथ ही इसका खामियाजा पूरी टीम को भुगतना होगा।
अभी तक जिलास्तर पर ऐसे केस में कुछ समझौता कर लिया जाता था, लेकिन शिक्षा विभाग के नियमों की लिस्ट को जिला स्तर से सभी स्कूलों के भेज दिया गया है। जिसमें साफ लिखा है कि एक खिलाड़ी के खेल से बाहर हो जाने से पूरी टीम को बाहर होना पड़ सकता है। जिलास्तरीय स्कूल गेम्स का आगाज 26 सितंबर से होना है। इसके तहत करीब 10 खेलों का आयोजन किया जाएगा। अधिकांश खेल है टीम के खेल हैं। ऐसे में जरूरी है कि पूरी टीम के सभी खिलाड़ियों के सभी डॉक्यूमेंट्स पूरे हो। इस बार एलिजिबिलिटी फॉर्म के साथ हर खिलाड़ी के 3 जरूरी डॉक्यूमेंट अनिवार्य है। इन सभी डॉक्यूमेंट्स को स्कूल पूरी तरह चेक करके ही खेल के लिए आए। खेल के समय कोई गड़बड़ी मिलने पर पूरी टीम बाहर हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि स्कूल अपने स्तर पर सभी अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स लेकर आए और उसको अच्छे से चेक कर लें। ताकि स्कूलों को कोई परेशानी का सामना करना पड़े।
ब्लाक 30 से जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता 26 से शुरू
सोनीपत|शिक्षाविभाग द्वारा जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन 30 सितंबर से किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर ब्लाक स्तरीय मुकाबले 30 सितंबर से होंगे। निजी स्कूल नहीं जमा करवा रहे खेल फंड : शिक्षा विभाग द्वारा बार बार हिदायत देने के बावजूद कई निजी स्कूल अभी भी खेल फंड जमा नहीं करवा रहे हैं। अब इसका खामियाजा उन्हें प्रतियोगिता में भाग रहने के रूप में भी भुगतना पड़ सकता है। एईओ जगबीर सिंह मलिक बताते हैं कि काफी स्कूल बच्चों से तो खेल फंड की वसूली करते हैं, लेकिन विभाग में जमा नहीं करवाते। ऐसे स्कूलों पर अब विभाग कार्रवाई करेगा।
सीबीएसई से जुड़े स्कूलों को कक्षा छठी से आठवीं तक के लिए 30 रुपए प्रति विद्यार्थी देने होते हैं। इसी प्रकार कक्षा 12वीं में आट्स के स्टूडेंट से 60 रुपए, कामर्स के स्टूडेंट से 72 रुपए एवं साइंस के प्रति स्टूडेंट के हिसाब से 90 रुपए जमा कराने होते हैं। राजकीय स्कूलों में जहां कक्षा छठी से आठवीं तक कोई शुल्क नहीं होता तो वहीं कक्षा नौवी एवं दसवीं के लिए 30 रुपए शुल्क बनता है।