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परिजनों से बेटा होने पर मांगी थी बधाई पैसे वापस कराए, ड्यूटी भी बदली गई
सामान्यअस्पताल में लड़का होने पर बधाई मांगने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर जांच के बाद गाज गिरी है। जांच में सामने आया है कि बधाई चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी, आशा वर्कर नर्स ने मांगी थी। सिविल सर्जन ने लिए गए बधाई के पैसे जहां शिकायत करने वाली महिला को वापिस दिलवाएं हैं।
वहीं बधाई मांगने वाले कर्मचारियों की ड्यूटी तुरंत प्रभाव से इमरजेंसी वार्ड में लगाने के निर्देश एमएस को जारी किए गए हैं। सिविल सर्जन ने एमएस को पत्र लिखकर आगाह किया है कि वह बधाई मांगने वाले कर्मचारियों को महज चेतावनी दें। लापरवाही मिलते ही उनके खिलाफ सख्त एक्शन लें। जिससे बधाई के नाम पर अवैध उगाही किए जाने के कार्य पर पूर्ण रूप से रोक लग सके। साथ ही आगे से किसी परिजन को परेशानी उठानी पड़े।
मेरे औचक निरीक्षण के दौरान महिला ने जो आरोप लगाए थे, वह सही मिले हैं। जांच में कई कर्मचारी दोषी मिले हैं। इन कर्मचारियों से बधाई में ली गई सैंकड़ों रुपए की नगदी वापिस लेकर शिकायत करने वाली महिला को दे दी गई है। कर्मचारियों को आगाह किया है कि भविष्य में उन्हें लापरवाही करते हुए पकड़ा गया तो निलंबित किया जाएगा।\\\'\\\' जसवंतपूनिया, सिविलसर्जन।
जागरुकता को लेकर दीवार पर चिपकाए जाएंगे पोस्टर : सिविलसर्जन ने कहा कि जनता को बधाई देने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए गायनी वार्ड अस्पताल के अन्य वार्ड में पोस्टर चिपकाकर सूचना दी जाएगी कि बधाई देना कानूनी अपराध है। इसके साथ जनता से अपील की जाती है कि वह बधाई मांगने वाले कर्मचारी की शिकायत करें। ताकि भविष्य में वह किसी को तंग कर सके।
जानकारी के अनुसार आठ जनवरी को सिविल सर्जन जसवंत पूनिया ने सुबह के समय सामान्य अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। जब वह निरीक्षण करते हुए गायनी वार्ड में पहुंचे थे तो एक महिला ने उन्हें शिकायत की थी कि उनसे रात को बेटा होने पर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सैकड़ों रुपए बधाई ली है। सिविल सर्जन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एमएस को सौंपी थी। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट सीनियर नर्स सुमित्रा ने सिविल सर्जन को सौंपी है। जांच में सामने आया है कि आशा वर्कर, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी नर्स ने बधाई ली थी। सिविल सर्जन ने लापरवाही करने वाले कर्मचारियों को फटकार लगाई और उनका बदली गायनी वार्ड से इमरजेंसी में की है।
9 दिसंबर के अंक में प्रकािशत खबर