उम्मीदवार को रखना होगा पाई-पाई का हिसाब
प्रदेशमें चुनाव की घोषणा होने के साथ ही तैयारी भी शुरू हो गई है। उम्मीदवार जहां प्रचार में लगे हैं तो वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग अपनी ओर से उन पर नजर रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है।
प्रत्याशी की कार्यप्रणाली पर भी चुनाव आयोग की पैनी नजर है। यही कारण है कि बेशक से आयोग की ओर से विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के लिए 28 लाख रुपए खर्च करने की सीमा निर्धारित कर दी गई हो, लेकिन इसका हिसाब किताब रखने के लिए खर्च का रजिस्टर बनाने की हिदायत भी दी है। जिसमें हर उम्मीदवार को अपने प्रतिदिन का खर्चा लिखना होगा, फिर चाहे वह एक झंडे का हो या लाउड स्पीकर का। जानकारी के अनुसार विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान प्रत्याशियों की तरफ से इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं के रेट प्रशासन ने निर्धारित कर दिए हैं। इनका उपयोग करने पर इस रेट से ही खर्च कैंडीडेट के खाते में जुड़ेगा।
{जीप 1000 रुपए 6 घंटे के लिए
{सूमो क्वालिस 1200 रुपए 6 घंटे के लिए
{साइकिल रिक्शा 300 रुपए 10 घंटे के लिए
{लाउडस्पीकर 700 रुपए प्रति दिन
{ड्राइवर चार्ज 500 रुपए प्रति दिन
{पांच लोगों के लिए स्टेज 1600 रुपए
{कपड़े का बैनर 150 रुपए प्रति
{कपड़े का झंडा 35 रुपए प्रति
{प्लास्टिक के झंडे 600 रुपए प्रति हजार
{होर्डिंग 11 रुपए स्क्वेयर फीट
{क्लॉथ-प्लास्टिक कट आउट 11 रुपए प्रति स्क्वेयर फीट
{टू सीटर सोफा 150 रुपए प्रतिदिन
{कुर्सी 20 रुपए प्रतिदिन
{सेंटर टेबल 300 रुपए प्रतिदिन
{वीडियो कैसेट 4000 रुपए रोज, सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक
{ऑडियो कैसेट 200 रुपए
{गेस्ट हाउस और होटल का रूम 1700 रुपए प्रतिदिन।
खर्च का हिसाब-किताब रखने के लिए प्रत्याशी को अपना एक रजिस्टर मेंटेन करना होगा। दूसरी ओर प्रशासन भी शैडो रजिस्टर तैयार करेगा। चुनाव के बाद दोनों रजिस्टर से खर्च का मिलान किया जाएगा। सभी वस्तुओं के रेट मुख्य चुनाव आयुक्त और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सलाह कर तय किए गए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान अगर कोई प्रत्याशी इन वस्तुओं का इस्तेमाल करता है तो उसका खर्च उसी दर से तय किया जाएगा। इस संदर्भ में डीसी एवं जिला निवार्चन अधिकारी समीर पाल सरो की अोर से राजनैतिक दलों को इस व्यवस्था से अवगत करवा दिया है।
विस चुनाव
आयोग के निर्देश पर प्रशासन एवं उम्मीदवार दोनों को बनाना हो