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जल निकासी तक नहीं, फिर विकास शुल्क किस िलए

7 वर्ष पहले
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स्थानीयआदर्श नगर के बाशिंदे प्रशासनिक उपेक्षा से बेहद नाराज है। लोगों की नाराजगी की वजह यह है कि गली में गंदा पानी जमा है, लेकिन निकासी को लेकर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

निकासी नहीं होने के कारण पानी में काई तक जम गई है। मच्छर मंडराते रहते हैं। लोगों को चिंता है कि वे कही मलेरिया की चपेट में नहीं जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपनी समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास कई बार अपील कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी वर्ग उनकी समस्या के प्रति गंभीरता ही नहीं दिखा रहे हैं।

^गंदे पानी से काफी बदबू आती है। जिससे सारा माहौल प्रदूषित होता जा रहा है। बाहर निकलते समय नाक पर रूमाल रख निकलना पड़ता है। बार बार की इस समस्या से अब हम तंग चुके हैं। प्रशासन को लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।\\\'\\\' सीमा,स्थानीयनिवासी।

^समस्या को विभिन्न बैठकों में भी उठाया जा चुका है, जहां अधिकारी आश्वासन तो दे देते हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं होता। फिर सारी परेशानी झेलनी आम लोगों को पड़ती है। एेसे में अगर कोई बीमार हो गया तो क्या प्रशासन उसकी जिम्मेदारी लेगा।\\\'\\\' उषाभंडारी, स्थानीयनिवासी।

^सड़क पर गंदा पानी जमा है, इसलिए बच्चों को बाहर निकालने में भी डर लगता हैं कि कहीं पानी पर जमा मच्छर बच्चों को काट ले। पाश इलाके में रहकर भी इस प्रकार की परेशानी बहुत दुख पहुंचाती है। प्रशासन को चाहिए कि वे ठोस कार्रवाई करें।\\\'\\\' सुनीता,स्थानीयनिवासी।

^गली में पानी जमा होना कोई नया नहीं है, ऐसा इसलिए है क्योंकि पानी निकासी को लेकर अधिकारी से लेकर कर्मचारी अपनी गंभीरता नहीं दिखाते। शिकायत रजिस्टर में लोगों की ओर से कई बार शिकायत की जाती है, लेकिन समस्या हल करने कोई आता ही नहीं।\\\'\\\' राकेशकुमार, स्थानीयनिवासी।

सोनीपत. सेक्टर-14के आर्दश नगर में सीवर जाम होने से भरा गंदा पानी। इनसेट में पानी पर मच्छर।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सीवर व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। थोड़ी ही बारिश और फिर गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। गली से लोगों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। लोगों का यहां तक कहना है कि वे कई मर्तबा निजी खर्च पर भी कर्मचारियों को बुला चुके हैं, बार बार उनको बुलाएंगे तो फिर विकास शुल्क की वसूली हमसे क्यों की जाती हैं।