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त्याग बलिदान की भावना से देश और समाज का भला होगा: पवन

7 वर्ष पहले
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राष्ट्रीयस्वयं संघ द्वारा रविवार को शहर में पथ संचलन का कार्यक्रम किया गया। सह प्रांत संघ चालक पवन ने कहा कि किसी भी देश की तरक्की, उसके नागरिकों के चरित्र पर निर्भर करती है। लोगों में देश भक्ति की भावना होगी तो भारत फिर से विश्व गुरू की भूमिका में सकता है। लोगों में त्याग बलिदान की भावना होगी तो देश समाज दोनों का भला होगा। इंसान स्वार्थी है, जिस कारण से वह देश के बारे में बाद में, बल्कि खुद के बारे पहले सोचता है। वे सेक्टर-15 में विभाग स्तरीय गुणवत्ता आधारित पथ संचलन के समापन अवसर पर स्वयं सेवकों को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता विभाग संघ चालक डॉ. निर्मल खंडेलवाल ने की।

पवन ने कहा कि मन पर नियंत्रण करने से लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है। देश के प्रति सकारात्मक सोच पैदा करने व्यक्ति निर्माण का काम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ करता है। दो दिवसीय शिविर के दूसरे दिन सेक्टर-14 कम्युनिटी सेंटर के सामने हुडा पार्क से पथ संचलन शुरू किया गया और सेक्टर-14 मार्केट से होते हुए डीएवी स्कूल, बीएसएनएल आफिस से होते हुए जैन स्थानक पहुंचे। इस मौके पर विभाग प्रचारक श्रीकृष्ण जी, डॉ. बालकिशन शर्मा, शशिभूषण, डॉ. बीके सिंह, अनिल गोयल, अनिल झरोठी मोहनलाल बड़ौली आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सोनीपत. शहरमें पथ संचालन करते राष्ट्रीय स्वयं संघ के कार्यकर्ता।

सामाजिक बिखराव रोकने को बना आरएसएस

उन्होंनेकहा कि देश की आजादी के लिए अनेकों क्रांतिकारियों देशभक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन देश समाज, जाति धर्म के आधार पर बिखराव की स्थिति में था। जिसकी पीड़ा को समझते हुए सन 1925 में डॉ. केशवराव बलिराव हेडगेवार ने विजय दशमी के दिन आरएसएस की स्थापना की। आरएसएस की स्थापना मूल हिंदू धर्म की कमी के कारण की गई। आजादी के बाद देश में मूल हिंदू धर्म को संगठित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने देश में विपरीत परिस्थितियों मेें भी बेहतरीन काम किया, लेकिन अब तो परिस्थिति अनुकूल हैं। हमें संभलकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।