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मृतक की फोटो लगा बनाई थी फर्जी रजिस्ट्री, शिकायत
कुंडलीके जिस सूरजमल पुत्र चतरू के नाम पर फर्जी रजिस्ट्री बनाई गई थी। उसकी मौत करीब 15 साल पहले ही हो चुकी है। इस पूरे खेल में एक पटवारी का बेटा मास्टरमाइंड है। जो राई उपतहसील में टाइपिस्ट का खोखा रखे हुए हैं। इसी को सूरजमल के पोते ने अपने प्लॉट के कागजात इंतकाल दर्ज कराने के लिए दिए थे। दैनिक भास्कर में खबर पढ़कर सूरजमल के परिजन भी अब सामने गए हैं। उनके दादा के नाम पर जो प्लॉट है, उसकी रजिस्ट्री फर्जी बनने से परिवार के लोग हैरान हैं। यह प्लॉट सूरजमल को पंचायत की तरह से फ्री मिला था। नियम के अनुसार इस प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं हो सकती।
कुंडली निवासी सोनू ने बताया कि उसके दादा सूरजमल पुत्र चतरू को पंचायत ने एक प्लॉट दिया था। उसके दादा की करीब 15 साल पहले मौत हो चुकी है। जिस वजह से वह इस प्लॉट का इंतकाल अपने नाम दर्ज कराना चाहता था। उसकी मुलाकात एक युवक से हुई। उसने खुद को पटवारी का बेटा बताया और इंतकाल दर्ज कराने का आश्वासन दिया। उसने उसे जमीन की फर्द सौंप दी थी। उसके बाद उसने फोन उठाने बंद कर दिए। दो दिन से दैनिक भास्कर में खबर पढ़ी तो उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुअा। उनके दादा के नाम पर एक फर्जी रजिस्ट्री तैयार की गई है। वे इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराएंगे। राई थाना पुलिस ने भी अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
यहहै पूरा मामला : राईउपतहसील में गुरुवार शाम साढ़े चार बजे अजय नाम का एक युवक अाया। उसने रजिस्ट्री क्लर्क राजेश को बताया कि वह एडवोकेट अजय गोयल का मुंशी है। अजय ने बताया कि उसने उप तहसील कार्यालय से एक रजिस्ट्री कराई थी। उस पर संयुक्त सब रजिस्ट्रार की मोहर लगनी है। रजिस्ट्री क्लर्क राजेश ने जब रजिस्ट्री को चेक किया तो वह फर्जी निकली। जो फर्जी रजिस्ट्री क्लर्क राजेश कुमार ने पकड़ी है, उस रजिस्ट्री में सौ गज के प्लॉट को कुंडली निवासी सूरजमल पुत्र चतरू ने सोनीपत के कुलदीप पुत्र रामकिशन को बेचा है। प्लॉट की कीमत साढ़े आठ लाख रुपए दिखाई गई है। जिसमें 26-8-2014 को स्टांप खरीदे गए हैं। 28-8-2014 को कुलदीप के नाम रजिस्ट्री की गई है। जिसमें जठेड़ी गांव के पूर्व सरपंच दीवान सिंह के पुत्र नंबरदार राजेश पूर्व सरपंच राजसिंह को गवाह दिखाया गया है।
रजिस्ट्री में जिस नंबरदार जठेड़ी के राजेश पूर्व सरपंच राजसिंह के फाेटो लगे हुए हैं, उन्होंने भी पुलिस को शिकायत देकर खुद को बेकसूर बताया है। दोनों ने कहा कि उनके फोटो एक युवक ने अपने मोबाइल में लिए थे। उन्हें नहीं पता था कि उनके फोटो का इस तरह से मिस यूज किया जाएगा।
राई . फर्जीवाड़ेके बारे में जानकारी देते हुए परिजन।