रिजर्वेशन काउंटर पर दलालों की सक्रियता
रेलवे टिकट बुकिंग काउंटर पर फिर से दलालों का कब्जा हो गया है। टिकट के लिए यात्री अल सुबह ही टिकट काउंटर पर जाता है। नियमत: उसे रेलवे कर्मचारियों द्वारा टोकन नंबर दे दिया जाता है। लेकिन जब लाइन लगती है, तो उसको सबसे पीछे खड़ा कर दिया जाता है। टोकने देने वाले कर्मचारी से शिकायत करने पर भी उसकी नहीं सुनी जाती। इस कारण यात्रियों के काउंटर पर पहुंचते-पहुंचते टिकट सोल्ड आउट हो जाता है। शनिवार को बुकिंग काउंटर नंबर एक पर यात्रियों के साथ ऐसा ही हुआ। टिकट लेने आए एक यात्री को चार नंबर दिया गया था, लेकिन जब लाइन लगाई गई तो उसे नौवें नंबर पर खड़ा कर दिया गया। जिसका उसने विरोध भी किया, लेकिन उसे धमकाकर चुप करा दिया गया।
रेलवे बुकिंग काउंटर पर दलालों के सक्रिय होने का मामला लंबे समय से चल रहा है। मामले को जब मीडिया उठाता है, तो कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक हो जाता है, लेकिन चंद दिनों में बाद ही फिर से वही व्यवस्था शुरू हो जाती है। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। हद तो तब हो जाती है, जब विरोध करने वाले यात्रियों को रेलवे कर्मचारियों द्वारा धमकाया जाता है।
इटावाकी टिकट के लिए लाइन में
इटावानिवासी कुक्कू वर्तमान में सब्जी मंडी में आढ़त का काम करता है। वह शनिवार सुबह टिकट लेने के लिए टिकट काउंटर पर पहुंचा था। जहां पर उसे बताया गया कि उसका चौथा नंबर है, लेकिन जब लाइन लगी तो उसे नौंवें नंबर पर खड़ा कर दिया गया। जब उसने अपने आगे वाले लोगों से विरोध किया तो उसे ज्यादा नहीं बोलने की धमकी दी गई। उसने कहा कि काउंटर पर बैठे कर्मचारियों से शिकायत की लेकिन किसी ने गलत सही का जवाब भी नहीं दिया। जब तक उसका नंबर आया, टिकट बिक चुका था।
लाइनमें घुस गए
यात्रीमनदीप, सुनील शरद ने कहा कि वह लाइन में लगे थे। अचानक से मालूम नहीं कहां से आधा दर्जन लोग आए और लाइन के बीच में घुस गए। विरोध करने पर धमकाने लगे। उन्होंने कहा कि काउंटर के आसपास मौजूद कर्मचारी पुलिस वाले भी आसपास खड़े रहने वाले लोगों को ही एडजस्ट करने की सलाह देते हैं। टोकन नंबर और लाइन लगने सरीखे सभी बातें बेकार हैं। सब कुछ कर्मचारियों की मिली भगत से हो रहा है।
^फिलहाल तो शनिवार को मैं बाहर था। लेकिन इन दिनों कुछ शिकायत फिर से मिलने लगी है। मामले में जल्द ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जहां तक दलालों के लाइन में घुसने का सवाल है, तो जिस भी यात्री के सामने गलत आदमी घुसे उसे शोर मचाना चाहिए। ताकि उसे पकड़ने में आसानी हो, बिना लोगों के सहयोग के पूरी तरह रोक पाना मुश्किल साबित हो रहा है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।\\\'\\\' विजयसिंह, स्टेशन अधीक्षक, रेलवे स्टेशन, सोनीपत।
टिकट काउंटर पर दलालों का लंबे समय से राज है। दलालों को लेकर पहले भी टिकट काउंटर पर हंगामा हो चुका है। टिकट वितरण में पारदर्शिता के लिए टोकन प्रणाली शुरू की गई थी। लेकिन यह भी अब दिखावा साबित हो रहा है। यात्रियों का आरोप है कि दलाल अपने लोगों को भी टोकन लेकर खड़े करते हैं। जब लाइन लगती है, तो वह सूचित कर देता है, जिसके बाद लाइन के बीच में घुस जाते हैं।