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एक साल पीछे राई-नाहरा-बहादुरगढ़ आरओबी का निर्माण
जीटी रोड वाया राई-नाहरा-बहादुरगढ़ को जाने वाले वाहन चालकों को इस रास्ते पर आवागमन करने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की मानें तो कम से कम सितंबर तक, लेकिन निर्माण की गति को देखकर लगता है कि यह इस वर्ष में पूरा नहीं होगा। क्योंकि अब तक ओवर ऑल 55 से 60 प्रतिशत कार्य ही हो सका है। इस कारण इसे कम से कम एक साल का समय और लगेगा। अब तक पियर कैप का काम ही पूरा हो सका है। जबकि मात्र 22 गार्डर लांच किए जा सके हैं। गार्डरों की कुल संख्या 266 है। आरओबी लेट होने के पीछे लेबर और मैटीरियल की कमी बताई जा रही है। हालांकि ऐसी ही दशा में पीडब्ल्यूडी के हर कार्यों की है।
पीडब्ल्यूडी द्वारा दिल्ली अंबाला रेल लाइन के अलग-अलग हिस्से में चार रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसमें से तीन आरओबी निर्धारित समय सीमा से एक से दो साल तक पीछे चल रहे हैं। इस कारण शहरवासियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अब सभी आरओबी का निर्माण कार्य जमीन से ऊपर चुका है।
900मीटर लंबा है
जेईराजेश गुप्ता ने बताया कि राई-नाहरा-बहादुरगढ़ आरओबी की कुल लंबाई 900 मीटर है। यह साढ़े सात मीटर फोर लेन बनाया जा रहा है। आरओबी में 58 पिलर बनाए गए हैं। जिस पर पिलर कैप का कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि 22 गार्डर अब तक लांच हो सके हैं। साथ ही तीन स्लैब भी डाली गई हैं।
येकार्य शेष है
आरओबीमें कुल 266 गार्डर लांच करना है जिसमें 244 अब भी शेष हैं। वहीं 55 स्लैब अभी बाकी हैं। जिसकी औसतन लंबाई 20 मीटर प्रति स्लैब है। रिटेनिंग वाल की कुल लंबाई 300 मीटर है। जिसके 150 एक तरफ है। इसमें अब भी ढाई सौ मीटर से अधिक बाकी है। आरओबी की कुल लागत 25 करोड़ रुपए है। सितंबर 2015 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नवंबर 2012 में शुरू हुआ था, दिसंबर 2014 में पूरा करने का लक्ष्य भी छूटा
सोनीपत . निर्माणाधीनजीटी रोड वाया राई-नाहरा-बहादुरगढ़।