सोनीपत। चंडीगढ़ से लेकर
सोनीपत तक चहुं ओर बैंकों में पेंशन खाते खुलवाने के लिए लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। अधिकारियों के भी दौरे हो रहे हैं। उस पर बुजुर्गों की बैंक कार्यालयों में लंबी लाइन, लेकिन इन सबका अभी कोई सुखद परिणाम नहीं है।
इसका लाभ इस माह में मिलेगा यह भी तय नहीं है। क्योंकि बैंकों में बुजुर्गों के अभी कोई खाते नहीं खुल रहे, सिर्फ फार्म भरे लिए जा रहे हैं। क्योंकि बैंकों के पास खाता खोलने के लिए आवश्यक सर्विस कोड ही नहीं है। बिना सर्विस कोड के कोई खाता खोला ही नहीं जा सकता। यह हाल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अथवा पंजाब नेशनल बैंक का ही नहीं है बल्कि इस हाल स्थिति से अभी लगभग सभी बैंक गुजर रहे हैं। इसके लिए बैंक प्रबंधकों की ओर से उच्च अधिकारियों को अवगत भी करवाया जा चुका है, लेकिन बात जल्द आएगा, से आगे नहीं बढ़ सकी है।
पताहै न, फरवरी की पेंशन खाते में आएगी : विदितहो कि राज्य सरकार की ओर से घोषणा की जा चुकी है कि फरवरी महीने की पेंशन नगद नहीं मिलेगी बल्कि यह बैंक खाते में डाली जाएगी। इसलिए सरकार के निर्देश पर वार्ड स्तर पर बैंकों का बंटवारा पेंशन खाता धारकों के लिए किया गया है। सभी जगह बुजुर्गों के खाते खुलवाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
बुजुर्ग हो रहे हैं परेशान : बैंकों में पहुंच रहे बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले बैंकों में लगी सूची में अपना नाम देखना, अगर वह नहीं है तो फिर बैंक कर्मचारियों के साथ मत्था पच्ची। उस पर काफी बैंकों में तो उनके बैठने तक का इंतजाम नहीं है। उन्हें पौड़ियों में अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। आते-जाते लोगों के कारण कभी आगे-कभी पीछे हटने के चक्कर में कई बार गिरने तक की नौबत जाती है। परेशानी यहीं खत्म नहीं, काफी बुजुर्गों को खाता भरना नहीं आता, उनके प्रति भी स्टाफ अपेक्षित नहीं है।
'' अभी बैंकों में पेंशन उपभोक्ताओं से सिर्फ फार्म लिए जा रहे हैं। खाते खोलने की प्रक्रिया को गति तब मिलेगी जब बैंकों के सर्विस कोड मिलेंगे। हर बैंक के अलग-अलग कोड हैं तो प्रक्रिया में समय भी लग सकता है, लेकिन उम्मीद है कि इस माह में यह सारी कवायद पूरी हो जाएगी।’’
एलएल सुराना, एलडीएम, सोनीपत।
किसी भी प्रकार के खाता संबंधी कार्रवाई की पहली क्रिया सर्विस कोड ही होता है। मौजूदा मामले में तो इसका महत्व तब और बढ़ गया है क्योंकि इन खाता धारकों को एटीएम कार्ड भी नहीं मिलना। ऐसे में सबसे पहले जहां बैंकों में खाता खोलने के लिए सर्विस कोड उपलब्ध होना था, लेकिन अभी जहां सिर्फ फार्म ही भरवाए जा रहे हैं।