पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • एलपीजी कनेक्शन पर अब ~75 में मिलेगा 40 लाख का क्लेम

एलपीजी कनेक्शन पर अब ~75 में मिलेगा 40 लाख का क्लेम

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पेट्रोलियममंत्रालय द्वारा उपभोक्ताओं को रसोई गैस से होने वाली दुर्घटनाओं से रोकने हो जाने पर उन्हें मिलने वाले लाभ को लेकर नया निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत गैस एजेंसी संचालकों को सभी उपभोक्ताओं को दुर्घटना होने पर प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता के बारे में बताना है। हालांकि व्यवस्था बहुत पुरानी है, लेकिन उपभोक्ताओं को इसके बारे में जानकारी नहीं है।

जिले में 16 गैस एजेंसियों के माध्यम से करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को रोजाना रसोई गैस की आपूर्ति की जाती है। इन उपभोक्ताओं से एजेंसियां तय समय पर मेंटीनेंस दूसरे चार्ज भी वसूलती हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर कंपनियों से मिलने वाली योजनाओं का लाभ शायद ही किसी को मिला हो। रसोई गैस सिलेंडर फटने से अगर कोई घटना होती है तो इसमें आवेदक को 40 लाख रुपए तक बतौर जुर्माना देने का प्रावधान है। यह जुर्माना एजेंसी संचालक को स्वयं देना पड़ता है। जिस कारण एजेंसी संचालक इन नियमों को सार्वजनिक करने से बचते हैं। जिले में आज तक एक भी व्यक्ति को मुआवजा नहीं मिला है। एलपीजी सिलेंडर होने वाली दुर्घटनाओं से उपभोक्ता को बचाने के लिए सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक योजना बनाई है। सरकार ने सभी गैस एंजेसियों को उपभोक्ता को इस योजना के बारे में बताने के निर्देश दिए हुए है, लेकिन गैस एजेंसियां उपभोक्ता को इसके बारे में बताती ही नहीं है।

क्लेमकी व्यवस्था : इसजांच में मैकेनिक उपभोक्ता को एलपीजी गैस से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए उपाय बताता है। रेगुलेटर के खराब होने का कई बार उपभोक्ता को पता ही नहीं लगता है। जिस कारण कई बार बड़ी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। यदि जांच करवाते हुए भी दुर्घटना हो जाती है, तब भी उपभोक्ता को क्लेम मिलता है। नए उपभोक्ता को कनेक्शन लेते समय ही इस बारे में जानकारी देने का निर्देश है।

यह है योजना

इसयोजना के तहत सभी गैस एजेंसियां उपभोक्ता से 75 रुपए जमा करवाती है। इसके एवज में गैस एजेंसी 2 वर्ष तक उपभोक्ता के एलपीजी कनेक्शन की मैकेनिकल जांच करवाती है। इसकी गैस एजेंसी लिखित में रसीद देती है और उसी समय एजेंसी उपभोक्ता का नाम अपने कंप्यूटर में दर्ज कर लेती है। इससे उपभोक्ता से रसीद खो जाने की स्थिति में भी इसका लाभ मिलता रहता है। पहले यह राशि 40 रुपए थी जिसे सरकार ने बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया है।

नॉलेज प्वाइंट