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जीवीएम काॅलेज में हॉस्टल की छत से कूदी एक छात्रा
शहरके जीवीएम गर्ल्स कॉलेज की एक सनसनीखेज घटना प्रकाश में आई है। बीकॉम द्वितीय वर्ष की एक छात्रा देर रात हॉस्टल की तीसरे मंजिल से नीचे कूद गई। छत से कूदने के कारण छात्रा की रीढ़ की हड्डी दो जगह से टूटी है। वहीं एक पैर में दो जगह से दूसरे पैर में एक जगह फैक्चर हुआ है। छात्रा के पिता ने कॉलेज प्रबंधक पर आरोप लगाया कि उसकी बेटी को तुरंत अस्पताल नहीं लाया गया, घटना के बाद कॉलेज के कर्मचारी बेटी के मुंह पर पानी के छपके मारते रहे। जब वह होश में नहीं आई तो कॉलेज से फोन करके घटना के बारे में उन्हें सूचना दी गई। उन्होंने ही आकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
देवेंद्र खत्री निवासी सिंगोला दिल्ली ने बताया कि उसकी बेटी पूजा सोनीपत के जीवीएम गर्ल्स कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष पढ़ रही है और कॉलेज हॉस्टल में रह रही है। 30 जनवरी को बेटी कॉलेज के हॉस्टल में थी इसी दौरान वह तीसरे मंजिल से नीचे कूद गई। घटना के बारे में उन्हें कॉलेज कर्मचारी द्वारा फोन से सूचित किया गया। इसके बाद वह करीब एक घंटे में दिल्ली से सोनीपत कॉलेज में पहुंचें। परंतु इस बीच बेटी को प्रबंधन द्वारा अस्पताल में नहीं पहुंचाया गया। इसके पिता ने खुद बेटी कोे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। 12 दिन बाद होश आने पर छत से कूदने का कारण पूछने पर रोने लगती है। जब हॉस्टल वार्डन का नाम लिया तो कांपने लगी।
जिंदगीखराब हो गई : देवेंद्रखत्री ने बताया कि बेटी पूजा की जिंदगी खराब हो गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि वह अब करीब एक साल तक बैड से नहीं उठ पाएगी। डॉक्टर ने बताया कि रीढ़ की हड्डी दो जगह से टूटी है। इलाज में लंबा समय लगेगा। ऐसे में उसे डर है कि कहीं वह बैड से उठ ही पाए।
होशमें आने पर खुलेगा राज : छात्राके सही तरह से होश में आने पर ही पता चल सकेगा कि उसने तीसरे मंजिल से नीचे कूदने का कदम क्यों उठाया। हाल में वह दर्द से कांप रही है और लगातार रो रही है।
छात्रा के पिता उनके परिचित ने आरोप लगाया कि बेटी के इलाज पर आने वाला खर्चा कॉलेज प्रिंसिपल ने देने की बात कही थी, परंतु अब जब प्रिंसिपल को पता चला कि इलाज का खर्चा करीब सात लाख तक पहुंच गया है तो वह इससे मुकर गईं। छात्रा के पिता ने बताया कि वह बेटी के साथ हुई घटना को लेकर चुप नहीं बैठेंगे।
^वार्डन द्वारा की गई सख्ती गलत नहीं। इसमें प्रबंधन क्या करेगा? प्रशासन चाहे तो मामले की जांच करवा सकता है।’’डॉ. ओपीपरूथी, प्रधान जीवीएम शिक्षण संस्था, सोनीपत।
^पौडिय़ों से गिरने की सूचना दी गई थी। छात्रा होश में नहीं आई है जिसके कारण बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। होश में आते ही बयान दर्ज किए जाएंगे।’’कुलदीप, चौकीप्रभारी सेक्टर-14।
छात्रा छत से जैसे ही नीचे कूदी, हॉस्टल कर्मचारियों ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती नहीं करवाया। इसके साथ पुलिस को तीसरी मंजिल से नीचे कूदने की सूचना नहीं दी गई। पुलिस को बताया गया कि छात्रा पौडिय़ों से गिरी है। ऐसे में यहां सवाल उठता है कि छात्रा के इलाज में इतनी घोर लापरवाही क्याें बरती गई। छात्रा के पिता ने कहा कि यदि वह कुछ देर और नहीं पहुंचता तो बेटी के साथ अनहोनी हो जाती।
सोनीपत . जानकारीदेता लड़की के परिजन।