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मामला मीडिया में आया तो कॉलेज प्रशासन ने छात्रा को बता दिया चोर
जीवीएमगर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा द्वारा तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगाने के मामले में गुरुवार को नया मोड़ गया। 12 दिन तक इस मामले पर चुप रहने के बाद मामला जैसे ही मीडिया में आया तो कॉलेज प्रबंधन भी हरकत में गया। गुरुवार को कॉलेज प्रिंसीपल प्रबंधन अपने बचाव में गए। अस्पताल में दर्द से कांप रही छात्रा पर दूसरी छात्रा के 85 सौ रुपए चोरी करने का आरोप लगाया। इस सबके बीच कई सवालों के जवाब पर कॉलेज पदाधिकारी उलझ गए और स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके।
कॉलेज प्रबंधक समिति के प्रधान ओपी परूथी प्रिंसीपल ज्योति जुनेजा ने पत्रकारों को बताया कि छात्रा पूजा ने झज्जर की छात्रा अंजली के 85 सौ रुपए चोरी किए हैं। इसके सबूत होने के का भी दावा किया। छात्रा पूजा ने पहले दो माह की मेस की फीस जमा की इसके बाद उसने तीन माह की फीस और जमा की। साथ ट्रंक शॉप कैंटीन के पैसे भी चुकाए। शक होने पर जैसे ही पूछताछ की गई तो छात्रा ने वार्डन से हाथापाई। इसके बाद मामले से उसके परिजनों को अवगत कराया। परंतु जब तक उसके पिता हॉस्टल पहुंचते वह छत से कूद गई।
^मामले में छात्रा के बयान दर्ज कर दो वार्डन पर केस दर्ज कर लिया गया है। छात्रा ने कहा कि उसके पास फोन मिला था। जिसके बाद वार्डन ने उसे थप्पड़ मारे।’’कुलदीप, सेक्टर-14चौकी प्रभारी।
सोनीपत . घायलछात्रा को ले जाते हुए परिजन।
देवेंद्र खत्री निवासी सिंगोला दिल्ली ने बुधवार को बताया था कि उसकी बेटी पूजा सोनीपत के जीवीएम गर्ल्स काॅलेज में पढ़ रही है। वह बीकाॅम द्वितीय वर्ष की छात्रा है और हॉस्टल में रह रही थी। 30 जनवरी को बेटी कॉलेज के हॉस्टल में थी। इसी दौरान वह छत से नीचे कूद गई। घटना के बारे में उन्हें काॅलेज कर्मचारी द्वारा फोन से सूचित किया गया। वह दिल्ली से सोनीपत काॅलेज में पहुंचें। परंतु बेटी को अस्पताल पहुंचाने की बजाए काॅलेज के कर्मचारी उसे होश में लाने के लिए मुंह पर पानी के छपके मार रहा था। जबकि बेटी दर्द से तिलमिला रही थी।
छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन बेरहम है। पहले तो बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे और जब बेटी परेशान होकर छत से कूद गई तो उसे अस्पताल पहुंचाना भी मुनासिब नहीं समझा। वे बेटी के साथ हुए अन्याय पर चुप नहीं बैठेंगे। आज जो उसकी बेटी के साथ हुआ है वह भविष्य में और किसी के साथ भी हो सकता है। ऐसे में आवाज बनने के लिए उनको आगे आना है जो सच्चाई जानती हैं।
पुलिस ने बुधवार देर शाम को छात्रा पूजा के बयान दर्ज किए। छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे पहले मानसिक रूप से परेशान किया गया। इसके बाद वार्डन ने जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद वह परेशान होकर छत से नीचे गिर गई। पुलिस ने मामले में वार्डन शीलम राठी सुनीता शर्मा पर मारपीट जान से मारने की धमकी का केस दर्ज कर लिया है।
बड़ासवाल-हॉस्टल की छत इतनी असुरक्षित : शहरके नामी कॉलेज के हॉस्टल की छत इतनी असुरक्षित है। शाम को छत की सीढिय़ों को जाने वाला रास्ता बंद क्यों नहीं थी। छत पर बचाव के लिए ग्रिल ऊंची क्यों नहीं है। यह भी सवाल दूसरे अभिभावकों को परेशान कर रहे हैं।
{पुलिस को गलत सूचना क्याें दी
छात्राजब छत से कूदी तो पुलिस को बताया गया कि छात्रा पौड़ियों से गिरी है। मामले पर गुरुवार को प्रिंसीपल ने सफाई दी कि यह तो लड़की के पिता ने उसे कहने के लिए बोला था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि सच्चाई पर पहले खूब पर्दा डाला गया। परंतु अस्पताल में जाने के बाद डाॅक्टरों ने मामले पर जैसे ही पूछताछ तो कहा छत से गिरी है।
{लड़कीको तुरंत अस्पताल क्यों नहीं भेजा
5:14पर छात्रा छत से कूदी और करीब 14 मिनट दर्द से तिलमिलाती रही। उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। सीसीटीवी कैमरों के अनुसार 5:28 पर छात्रा का पिता एक महिला उसे अस्पताल ले गए।
{चोरीकी बात 12 दिन बाद
कॉलेजप्रबंधन ने कहा कि छात्रा पूजा ने झज्जर की छात्रा अंजली के 13 हजार में से 8500 रुपए चोरी किए हैं। जो भुगतान उसने किए उससे चोरी का पूरा शक था। जबकि यहां सवाल यह उठता है कि कॉलेज ने चोरी के मामले पर 12 दिन चुपी क्यों साधी और तुरंत एक्शन क्यों नहीं लिया। 13 हजार में से 85 सौ ही क्यों चोरी हुए।
{पहलेबात करने से क्यों कतराते रहे
मामलेपर पहले कॉलेज पदाधिकारी चुपी साधे रहे। परंतु जैसे ही मामला सार्वजनिक हुआ। छात्रा पर चोरी का आरोप, पिता पर गाली गलौच का आरोप, छात्रा अपने पिता से बेहद डरती थी का आरोप, मामला छत का बताकर पौडिय़ों का बनाने का आरोप है।