श्रीमद् भागवत कथा सुनने से कटते हैं पाप
विश्वशांति के उद्देश्य से आयोजित श्री मद् भागवत सप्ताह कथा के तीसरे दिन भी श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से कथा को सुना। उन्होंने जहां कथा के प्रसंगों का आनंद लिया वहीं प्रसंगों पर आधारित गीतों पर झांकियों पर झूम उठे तथा नाचने लगे। कथा वाचक पंडित गोबिंद गोपाल शास्त्री ने कथा में भगत परीक्षित के जीवन की गाथा सुनाते हुए बताया कि उन्हें किस प्रकार श्राप मिलता है उसके उद्धार के लिए सुकदेव (व्यास जी) किस प्रकार उन्हें भागवत कथा के 24 अवतारों की कथा सुनाकर उनके कष्ट दूर करते हैं। भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने के लिए भगवान कृष्ण नरसिम्हा का अवतार लेना तथा समुंद्र मंथन के द्वारा देवताओं को अमृत पिलाने के प्रसंग भी सुनाए। कथा के अंतिम चरण में उन्होंने बताया कि भगवान भगत बाली के घर किस प्रकार एक छोटे से ब्राह्मण का रूप धारण कर जाते हैं। इस अवसर पर धीरज, शालू, डड्डू, काला, नानक मेहता, कृष्णा देवी आदि श्रद्धालु मौजूद थे।