विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी, कॉलेज का भवन छोटा
इंदिरागांधी राजकीय महाविद्यालय में 13 फरवरी को दोपहर 2 बजे एलुमिनी मीटिंग का आयोजन किया जाएगा। जिसमें महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी शिरकत करेंगे। प्रिंसिपल डॉ. रणधीर सिंह ने पूर्व विद्यार्थियों को भेजे निमंत्रण में आग्रह किया है कि वे मीटिंग में पहुंचकर महाविद्यालय के उत्थान पर अपने विचार साझे करें।
येहंै कॉलेज की समस्याएं
समयके साथ महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने आने वाले विद्यार्थियों की संख्या हर साल लगातार बढ़ती जा रही है जिस कारण महाविद्यालय का भवन छोटा पड़ने लगा है। महाविद्यालय में इस समय बीए, बीकॉम, एमकॉम, बीबीए बीसीए के 2535 विद्यार्थी और शिक्षा ग्रहण करने के लिए मात्र 18 कमरे और एक कमरे की बैठने की अधिकतर सीमा है 80 विद्यार्थी।
ऐसे में विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाए तो कैसेω बार बार अवगत करवाए जाने के बावजूद तो सरकार और ही उच्चतर शिक्षा विभाग इसका कोई संज्ञान ले रहे। जिस कारण मजबूरी में ये हजारों बच्चे तंग कक्षाओं या खुले लॉन में शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य संवारने का प्रयास कर रहे हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए महाविद्यालय प्रबंधन ने उक्त मीटिंग कॉल की है।
कुछ समय हुई पूर्व छात्र संघ की बैठक में भी यह सुझाव आया था कि यदि सरकार इंदिरा गांधी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को गांव जमालपुर शेखां में निर्माणाधीन सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन में स्थानांतरित कर दे और सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज को इंदिरा गांधी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भवन में शिफ्ट कर दे तो पांच समस्याओं का स्थाई समाधान हो सकता है। जिनमें सबसे पहले तो महाविद्यालय में कमरों की कमी नहीं रहेगी क्योंकि दस एकड़ में बन रहे पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवन में करीब पचास कमरे बन रहे हैं, इसके अलावा पॉलिटेक्निक कॉलेज में बनी प्रयोगशाला मिलने से वहां साइंस की कक्षाएं भी शुरू की जा सकेंगी, स्टाफ की कमी भी नहीं रहेगी क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में होने के कारण नवनियुक्त स्टाफ को कम से कम पांच साल तक ग्रामीण क्षेत्र में अपनी सेवाएं देनी पड़ती हैं, खेल के मैदान की समस्या भी दूर हो जाएगी तथा अनुशासन भी रह पाएगा। अब देखना यह है कि उक्त बैठक में क्या कोई ऐसा सुझाव आएगा कि उससे महाविद्यालय का उत्थान हो पाएगा या विद्यार्थी आगे भी उसी पुराने ढर्रे पर शिक्षा पाने को मजबूर होंगे।
टोहाना। इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय का भवन।