जो सुविधा बाकियों को दी मुझे भी मिलें
पर्वतारोहीरामलाल शर्मा ने प्रदेश सरकार पर अनदेखी भेदभाव का आरोप लगाते हुए पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट में दायर याचिका में उसने प्रदेश सरकार द्वारा अन्य पर्वतारोहियों की दी गई सरकारी सुविधा का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय से गुहार की है कि उसे भी उनके अनुकूल सुविधाएं दिलाई जाएं।
एडवोकेट खारा ने बताया की रामलाल पिछले लंबे समय से सरकार से नौकरी की गुहार लगा रहा है। नौकरी मिलने के कारण वह दर- दर की ठोकरें खा रहा है। जारी नोटिस में उन्होंने यह जवाब मांगा है कि अगर उक्त पर्वतारोही सरकार से नौकरी प्राप्त कर सकते हैं तो रामलाल क्यों नहीं। सरकार को सभी लोगों को एकनजर से देखते हुए बराबर का हक प्रदान करना चाहिए क्योंकि सरकार द्वारा बनाई गई नीतियां सभी के लिए बराबर होती हैं अगर एक ही कार्य में निपुण तीन लोग सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं तो अन्य क्यों नहीं। खारा ने बताया कि हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी कर हरियााणा सरकार अधिकारियों से रामलाल के बारे में जो पक्ष जाना है आशा है कि तीनों पर्वतारोहियों की तरह रामलाल को भी सरकारी नौकरी का लाभ प्रदान किया जाएगा। रामलाल के वकील अफताब सिंह खारा बताया कि रामलाल की ओर से उन्होंने बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिसका संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डीजीपी, गृह मंत्रालय, चीफ सेक्रेटरी ऑफ यूथ एंड स्पोर्टस अफेयर सहित पर्वतारोहन के आधार पर डीएसपी पद पर कार्यरत ममता सौदा, सब इंस्पेक्टर अनिता कूंडू कांता देवी को भी नोटिस भेजे हैं।
मई2013 में फहराया था तिरंगा
गरीबपरिवार में जन्में पले बढ़े रामलाल शर्मा ने 21 मई 2013 को माउंटएवरेस्ट पर तिरंगा लहराया था। इसके लिए पूरे हलके के लोगों ने उसे आर्थिक सहयोग दिया था।
पर्वतारोही रामलाल, जिसने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।