चतुर्थीयुक्त रहने से विशेष फलदायी रहेगी बसंत पंचमी
बसंतपंचमी इस बार कई सालों बाद शुभ संयोगों के साथ रही है। इस बार बसंत पंचमी के दिन पंच महायोग का संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन ध्वज योग, साध्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग पड़ रहा है।
पंच महायोग के संयोग में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करना साधकों के लिए विशेष फलदायी साबित होगी। साथ ही इस बार चतुर्थी युक्त पंचमी होने से भी विशेष फलदायी रहेगी।
विद्याअध्ययन के लिए श्रेष्ठ सरस्वती पूजन से होगा लाभ
पंडितश्रीकांत शास्त्री ने बताया कि इस दिन शनि प्रधान उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र है और चंद्रमा मीन राशि में है, जो कि गुरु प्रधान है और विद्या का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए इस दिन विद्याध्ययन करने वालों को सरस्वती पूजन से अत्यंत लाभ होगा।
पंच महायोग में सरस्वती पूजन के साथ महाकाली की आराधना करने से धन-धान्य, शक्ति संपन्नता का मार्ग प्रशस्त होगा। इस दिन पंचमी प्रात: 9.17 से लगेगी, इसलिए इसके बाद ही पूजा करना श्रेष्ठ रहेगा।
बव्वरें को चांदी के चम्मच से खीर खिलाएं
बसंतपंचमी के दिन छह माह तक के बच्चों को पहली बार अन्न खिलाने की परंपरा भी निभाई जाती है। इसे अन्न प्राशन संस्कार यानी बच्चे को पहली बार अन्न खिलाना कहते हैं। इस दिन दूध पीते बच्चे को नए कपड़े पहनाकर, चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर और उस पर बच्चे को बिठाकर मां सरस्वती की आराधना करके चांदी के चम्मच से खीर खिलाएं।
सोना-चांदी, वाहन और जायदाद खरीदने के लिए श्रेष्ठ
पंडितचंद्रप्रकाश के अनुसार इस दिन खरीदी के लिए सर्वार्थसिद्धि, अमृत सिद्धि योग हैं। इस दिन सोना-चांदी, वाहन एवं जायदाद खरीदना शुभ रहता है। रेवती नक्षत्र के संयोग में शादी के लिए शुभ रहेगी। परिणय सूत्र में बंधने वाले जोड़ों का दाम्पत्य जीवन सुखी एवं स्थाई रहता है। इस दिन स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त होने से विवाह या कोई भी शुभ कार्य करना अच्छा रहेगा।