कपास की बोली होने से किसान परेशान
उचाना | कपासकी आवक बढ़ने के साथ किसानों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। किसान एक सप्ताह से मंडी में अपनी फसल के बिकने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों ने कपास मंडी से पुलिस थाना के सामने होने वाले खड़े साधनों में कपास की बोली को बंद करने की मांग की है। किसानों ने कहा कि कपास के खड़े साधन में कॉटन मिल मालिक अपने डिमांड के अनुसार फसल को खरीद लेते हैं। इसके बाद मंडी में कपास की बोली पर फसल की खरीद कम होती है।
किसान कृष्ण पेगां, जगरूप पेगां, राममेहर करसिंधू, राय सिंह उचाना खुर्द मुकेश कोथ ने कहा कि वो पांच दिनों से मंडी में फसल के बिकने के इंतजार में बैठे हैं, लेकिन फसल की बोली नहीं रही है। मंडी में उन्हें रात गुजारनी पड़ रही है। हर रोज कपास के भाव मेें उतार-चढ़ाव रहे हैं।
खड़े साधनों की बोली का फैसला सामूहिक
^मंडीमें कपास की आवक अधिक होने के कारण जाम की स्थिति बने इसके लिए आढ़तियों, किसानों द्वारा सामूहिक रूप से खड़े साधनों में कपास की बोली करवाने का फैसला लिया था। यहां भी सभी कॉटन मिलों के परचेजर कपास की खरीद बोली पर करते हैं। इसके बाद मंडी में बोली हो रही है। किसी भी तरह की परेशानी किसानों को हो इसके लिए आढ़ती भी प्रयासरत रहते हैं।
-देवीप्रसन्न छातर, प्रधान, फूडग्रेन डीलर एसो. उचाना।
रूटीनसे हो रही है बोली : सचिव
^कपासकी बोली रूटीन से हो रही है। यहां खड़े साधनों में कपास की बोली के बाद मंडी में कपास की फसल की बोली हो रही है। किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
-ओपीराणा, सचिव, मार्केटकमेटी उचाना।