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कैसे मिलेंगे गरीबों को प्लॉट, पंचायतों के पास जमीन ही नहीं

6 वर्ष पहले
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खंडकी पांच पंचायतों के पास जमीन नहीं होने से इन गांवों के बीपीएल परिवारों को महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत प्लॉट नहीं मिल पा रहे हैं।

यूपीए सरकार के शासनकाल में गांव में बीपीएल परिवारों को 100-100 गज के मुफ्त प्लॉट पंचायत द्वारा पंचायत की जमीन में काट कर दिए जाने थे। जिन पंचायतों के पास जमीन थी वहां तो बीपीएल परिवारों को प्लॉट अलॉट कर दिए गए हैं।

इनगांवों के पास नहीं भूमि

खंडके 45 गांवों में से बड़ौदा, काकड़ोद, डूमरखा कलां, सुकदैन कलां, उदयपुर गांवों के पास पंचायत की जमीन नहीं है। इसलिए इन गांवों में बीपीएल परिवारों को प्लॉट नहीं मिल पा रहे हैं।

पंचायतके पास नहीं है जमीन

बड़ौदागांव के सरपंच धर्मेंद्र चहल ने बताया कि खंड की पांच पंचायतों के पास जमीन नहीं होने के कारण इन गांवों के बीपीएल परिवार के सदस्यों के लिए पंचायत की जमीन में प्लॉट नहीं काटे जा सके। कई बार वो सरकार से गांव के आस-पास जमीन एक्वायर करने की मांग कर चुके हैं ताकि उन गांवों के बीपीएल परिवारों को प्लॉट मिल सके, जिस पंचायत के पास जमीन नहीं है।

सरकार जमीन एक्वायर करके दे

सुभाष,मांगेराम शीशपाल ने कहा कि जब दूसरे गांवों में बीपीएल परिवारों को प्लॉट अलॉट किए जा चुके हैं तो उनके गांवों में भी प्लॉट उन्हें दिए जाएं। गांव की पंचायत के पास अगर जमीन नहीं है तो सरकार को चाहिए कि वो ऐसे पंचायतों को जमीन एक्वायर करके दे ताकि उन गांवों के बीपीएल परिवारों को भी 100-100 गज के प्लॉट मुफ्त अलॉट हो सके। गांवों की पंचायत के पास जमीन नहीं होने से अब उनका खुद के मकान बनाने का सपना पूरा नहीं हो रहा है।

उच्चाधिकारियों को भेजी है रिपोर्ट

^महात्मागांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत प्लॉट काटने के लिए जिन गांवों के पास जमीन नहीं है उनकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। -शंकरलाल, खंड विकास अधिकारी, उचाना।