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ड्रोन से रखी जाएगी जंगल में तस्करों-शिकारियों पर नजर

5 वर्ष पहले
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कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए लिया गया निर्णय

भास्करन्यूज | यमुनानगर

वनविभागकर्मचारियों की कमी और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। जिसका फायदा तस्कर और शिकारी उठा रहे हैं। मगर लकड़ी की तस्करी और वन्यप्रणियों को नुकसान पहुंचाने वाले वन विभाग की पकड़ से बच नहीं सकेंगे। जंगल में किसी भी तरह की हरकत करने वालों की करतूत कैद होगी और अधिकारियों तक पहुंच जाएंगी। क्योंकि सरकार वन सुरक्षा के लिए आधुनिकरण का सहारा लेगी। ड्रोन कैमरों से जंगल की सुरक्षा की जाएंगी। नई भर्ती होगी। इसके लिए प्लानिंग चल रही है। कर्मचारियों की कमी अन्य दिक्कतों के सवाल पर उक्त शब्द राज्य मंत्री कर्णदेव कांबोज ने कहे। मंत्री शहर के आयोजित कार्यक्रम के बाद प्रेसवार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जंगल को नुकसान पहुंचाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। ध्यान रहे कि आए दिन जंगल से खैर अन्य कीमती लकड़ी की कटाई हो रही हैं। जिससे हरियाली खतरे में पड़ रही हैं। 12 फरवरी को खैर तस्करों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर जानलेवा हमला किया था।

जिले में 25 हजार हेक्टेयर पर जंगल है। जिससे नेशनल पार्क का रकबा 11 हजार 750 है। जिसकी सुरक्षा के लिए वन विभाग में अधिकारियों से सहित 70 कर्मचारी है। संसाधनों को घोर अभाव है। एक ही ट्राइक्यूलाइजर गन है। इसको चलाने के लिए ट्रेंड स्टाफ नहीं है। लाइट विजन कैमरा, पिंजरे वाहन (जंगल में जाने) नहीं है। जंगल से पकड़े गए अपराधी उसके हथियार को रखने के लिए जगह नहीं है। जिस कारण पूछताछ नहीं हो पाती। घायल जानवरों के लिए डिस्पेंसरी की व्यवस्था नहीं है। एक मात्र अस्पताल मिलकपुर में है। वन प्राणियों के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं है। रेंज कम होने के कारण कर्मचारियों का अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाता। वायरलेस की सुविधा होनी चाहिए।

मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानून बनाएंगे

मंत्रीने कहा कि मिलावट करने वालों के लिए बने कानून में कमजोरी है। जिसका फायदा मिलावट करने वाले उठा रहे है। प्रदेश सरकार अब मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानून बनाने जा रही है। जिसमें कठोर सजा का प्रावधान होगा।

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