प्रमुख स्कूलों ने उठाया बेटियों को शिक्षित करने का बीड़ा
सरकारीशिक्षणसंस्थान बेटियों को फ्री एजूकेशन दे रहे हैं। वहीं अब शहर के टॉप स्कूल बेटियों को शिक्षित करने के लिए आगे आए हैं। कुछ ने (प्री नर्सरी) में एडमिशन में छूट देने का फैसला लिया है तो कुछ ने फ्री में (पूरी स्कूलिंग) बेटियों को पढ़ाने का ऐेतिहासिक कदम उठाया है।
स्कूलों की यह पहल बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है। जोकि आने वाले दिनों में समाज के लिए बड़ा बदलाव लेकर आएगा। क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर राज्य सरकार इसी बदलाव के लिए कसरत कर रही है। बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ कैंपेन चलाई। शायद इसी का असर है कि यह कैंपेन स्कूल संचालकों को मन को भा गई और आज नामी गिरामी स्कूल लड़कियों को एडमिशन फीस से लेकर स्कूल फीस में छूट देने आगे आए हैं। बता दें यमुनानगर जिले में 280 प्राइवेट स्कूल हैं। इन स्कूलों में करीब 13 हजार लड़कियां पहले ही पढ़ रही हैं। ध्यान रहे कि इन स्कूलों में एडमिशन फीस 10 हजार से लेकर 35 हजार तक है।
{ कोई स्कूल एडमिशन तो कोई ट्यूशन फीस में दे रहा छूट
{ नवरात्रों में फ्री दाखिला देकर करते हैं कंजक पूजा
{ जिले में 280 प्राइवेट स्कूल, जिनमें 13 हजार लड़कियां ले रही शिक्षा
कमजोर परिवारों को आर्थिक मदद
स्प्रिंगफिल्ड पब्लिक स्कूल के प्रेजीडेंट एमएस साहनी का कहना है कि बेटियों को शिक्षित करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। लड़कियों के एडमिशन में छूट हमारी ओर से भी दी जा रही है। आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों की भी मदद की जाती है ताकि वे लड़कियों को पढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं।
कई लड़कियों को फ्री में पढ़ाया
सेंटलॉट्स वैली विवेकानंद पब्लिक स्कूल सेक्टर-18 की प्रिंसिपल आक्षी कांबोज का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़की को वेरिफिकेशन के बाद वे फ्री में पढ़ा रहे हैं। ताकि लड़की माता पिता पर बोझ रहे। लड़की के एडमिशन पर 50 प्रतिशत की छूट देने पर विचार चल रहा है।
लड़कियों की फीस 50 प्रतिशत माफ
सरोजनीकॉलोनी स्थित मुकंद पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल शशि भाटला का कहना है कि आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों की 22 लड़कियों को स्कूल फ्री में शिक्षा दे रहा है। वहीं अन्य लड़कियों की फीस में 50 प्रतिशत की छूट है। स्कूल में एक हजार लड़कियां पढ़ रही हैं। उनका उद्देश्य उनका सर्वांगीण विकास है।
नवरात्र में फ्री करते हैं दाखिले
नेशनलपब्लिक स्कूल कैंप के मैनेजर एडवोकेट रोहित प्रताप का कहना है कि मार्च में एडमिशन प्रक्रिया चली हुई होती है। इन दिनों नवरात्र में जो भी पेरेंट्स लड़कियों का एडमिशन कराने आते हैं उनका एडमिशन फ्री में किया जाता है। वहीं जिन लड़कियों के माता पिता नहीं है उन्हें भी फ्री शिक्षा देने का फैसला लिया है।
कोई ट्यूशन फीस नहीं ले रहे
दिल्लीपब्लिक स्कूल के वाइस चेयरमैन रामनिवास गर्ग ने बताया कि लड़कियों को शिक्षित करने के लिए एडमिशन और ट्यूशन फीस में छूट का फैसला लिया गया है। लड़कियों के एडमिशन में 50 प्रतिशत की छूट रखी गई है। वहीं अगर लड़की एससी या एसटी वर्ग से है तो उससे ट्यूशन फीस नहीं ली जाएगी।
एडमिशन में 50 प्रतिशत छूट
सेंटलॉरेंस इंटरनेशनल स्कूल पाबनी के एमडी एमके सहगल का कहना है कि यदि बहन भाई हंै और बहन एडमिशन ले रही है तो उन्हें दाखिले में 25 प्रतिशत छूट देने का फैसला लिया है। अगर एक लड़की है तो 40 प्रतिशत और दो लड़कियां हैं तो एडमिशन में 50 प्रतिशत छूट दे रहे हैं।