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लंच टाइम लिखा है, लेकिन ऑफिस टाइमिंग की सूचना तक अंकित नहीं
सरकारीदफ्तरोंमें अधिकारियों ने ये बोर्ड तो लगा रखे हैं कि लंच टाइम कब से कब तक होगा। लेकिन कहीं एक भी बोर्ड ऐसा नहीं है जिस पर ये लिखा हो कि दफ्तर कब खुलेगा और कब बंद होगा। बोर्ड लगाने से लोगों को शायद ये पता चल जाएगा कि साहब के दफ्तर में आने का समय क्या है। वहीं काफी लोग सोचते हैं कि सर्दी बढ़ने से दफ्तरों का टाइम भी बढ़ जाता है।
सरकारी दफ्तरों में अधिकारी कर्मचारियों के आने जाने का कोई समय तय नहीं है और ही उन्हें आला अधिकारियों का डर है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि साहब 10 बजे दफ्तर में मिलते हैं। लोग 10 बजे दफ्तर में जाते हैं फिर भी उन्हें अधिकारी कर्मचारी नहीं मिलते।
कोईबोला छुट्टी पर तो किसी को पता नहीं : नगरनिगम जगाधरी कार्यालय में बने ई-दिशा केंद्र में चार विंडो बनी है। लेकिन मंगलवार को 12 बजे तक भी सभी बंद रही। यहां आई सोनिया, वंदना, राहुल ने बताया कि ई-दिशा केंद्र में काम से आए थे। यहां आए तो सभी विंडो बंद मिली। एक कर्मचारी से पता किया तो बोला की मुझे पता नहीं। दूसरे ने बताया कि आज सभी छुट्टी पर है। जबकि विडों पर लिखा था कि दोपहर के एक बजे तक ये खुली रहेंगी। एक कर्मचारी छुट्टी पर हो सकता है एक साथ चारों नहीं।
कर्मचारियोंने रट रखे हैं जवाब : कार्यालयमें जाने पर लोगों को अधिकारी नहीं मिलते तो वे कर्मचारियों से पूछते हैं। लेकिन कर्मचारियों ने जवाब रटे हुए हैं। सबका एक ही जवाब है। साहब फिल्ड में है, चंडीगढ़ गए हैं, डीसी दफ्तर गए हैं या फिर आज तो साहब कोर्ट में है। बिलासपुर के अंबेडकर नगर निवासी रिंकू ने बताया कि उसे नया राशन कार्ड बनवाना है। तीन दिन से इंस्पेक्टर कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं। कभी कहता है आज यमुनानगर हूं तो कभी दूसरा बहाना। सारे कागज तैयार पड़े हैं बस एक मोहर लगवानी है।
विधायकखोल चुके हैं अफसरों की पोल : अधिकारीकर्मचारी सुबह टाइम पर नहीं आते इसकी पोल यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा खोल चुके हैं। पिछले दिनों जब उन्होंने कई दफ्तरों का औचक निरीक्षण किया तो ज्यादातर अधिकारी कर्मचारी गैर हाजिर ही मिले। नगर निगम में गए तो ईओ नहीं मिले। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में डीएफएससी नहीं मिली। विधायक ने सभी अधिकारियों को चेतावनी भी दी थी कि वे समय पर दफ्तर आए और जाएं।
लंच टाइम के बाद तो सूने रहते हैं दफ्तर : अगर कोई अधिकारी सुबह के वक्त दफ्तर