- Hindi News
- अब बेड और लिफ्ट की सुविधा मिलेगी अस्पताल में
अब बेड और लिफ्ट की सुविधा मिलेगी अस्पताल में
सिविलअस्पतालमें मरीजों को अब बेड उपचार के लिए दो चार नहीं होना पड़ेगा। ही उनको उपचार के लिए प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ेगा। इसका कारण है चार साल से रुकी नई बिल्डिंग बनाने की फाइल को हरी झंडी मिल गई है। इस पर 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नई बिल्डिंग बनने से सिविल अस्पताल में बेड की संख्या बढ़कर 100 हो जाएगी। नक्शा पास होकर फाइल स्वास्थ्य विभाग चंडीगढ़ के ऑफिस में है। जिसका इंतजार पीडब्ल्यूडी विभाग कर रहा है।
अबये हालात हैं अस्पताल के : सिविलअस्पताल ट्रॉमा सेंटर में कुल 80 बेड हैं। यहां पर ओपीडी 1200 से अधिक है। इंडोर के लिए 40 मरीज प्रतिदिन आते हैं। ओपीडी वाले तो किसी तरह से उपचार करा लेते हैं, लेकिन दाखिल हुए मरीजों को बेड के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उनको सिफारिश लगानी पड़ती है या फिर एक बेड पर कई मरीजों को डॉक्टर शिफ्ट कर देते हैं। इससे मरीजों में इंफेक्शन का खतरा रहता है। इस दिक्कत को देखकर मरीज कई बार बीच में ही उपचार बंद कर घर या किसी प्राइवेट अस्पताल में चले जाते हैं।
चारमंजिला होगी नई बिल्डिंग : नईबिल्डिंग बनाने की प्लानिंग अस्पताल के पूर्व एमएस डॉ. विजय दहिया के कार्यकाल में शुरू हुई थी। 100 बेड के लिए चार मंजिला बिल्डिंग बनेगी। पुराना अस्पताल भी चलता रहेगा। इस नई बिल्डिंग में लैब, ब्लड बैंक, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, डिस्पेंसरी, पर्ची काउंटर, एडमिनिस्ट्रेशन, मेल वार्ड, फिमेल वार्ड, प्राइवेट वार्ड, चिल्ड्रन वार्ड, कैंटीन, आपरेशन थियेटर सहित सारी सुविधाएं होगी। फिलहाल ऐसी स्थिति है कि एक-एक सुविधा के लिए मरीज को अस्पताल में भटकना पड़ता है। वहीं पहली, दूसरी तीसरी मंजिल तक जाने के लिए लिफ्ट लगाई जाएगी ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी हो।
अभी ये हैं हालात, एक बेड पर 3 मरीज
पार्किंग का भी है प्रावधान
फिलहालअस्पताल में स्थायी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। हालांकि पार्किंग का ठेका अस्पताल ने दिया है, लेकिन ठेकेदार सड़क पर या कहीं भी खाली जगह मिलने पर उसमें गाडिय़ां खड़ी कर देते हैं, लेकिन नई बिल्डिंग के बेसमेंट को पार्किंग के तौर पर प्रयोग किया जाएगा। इसमें एक साथ सैकड़ों गाडिय़ां खड़ी हो सकेंगी। इसके अलावा इसमें कैंटीन, पार्क भी होगा। ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज पार्क में टहल सके। इसतरह होगी नई बिल्डिंग : नईबिल्डिंग फिलहाल वहां बनेगी जहां पर इस समय पार्किंग