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जनवरी से बिजली के दाम घटा दिए, उपभोक्ता को राहत नहीं
बिजलीउपभोक्ताओंको राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक जनवरी से बिजली के दाम घटा दिए। इसकी डिटेल नए बिल में भी दिखाई जा रही है। लेकिन उत्तर हरियाणा बिजली वितरण के जमा-घटा से उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है। निगम की ओर से बिल में कई तरह के चार्ज लगाए जा रहा हैं, जिससे दाम बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी प्रति यूनिट सात से आठ रुपए तक के हिसाब से बिल का भुगतान करना पड़ रहा है। जबकि बिजली निगम के अनुसार पहली 40 यूनिट तक बिल कुल 3.13 रुपए, 41 से 250 यूनिट तक 5.22 रुपए और 251 से 500 यूनिट तक 6.10 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिल आना चाहिए।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से बिल दिए जा रहे हैं, जोकि स्लैब के मुताबिक आते हैं। स्लैब रेट के साथ निगम की ओर से कुल बिल में अन्य चार्ज भी लगाए जा रहे हैं। जिसे लेकर ही उपभोक्ताओं के पास आने वाले बिल प्रति यूनिट सात से आठ रुपए तक पहुंच रही है। इसे लेकर ही उपभोक्ता कंफ्यूज हो रहे हैं।
कुछ समझ नहीं आया:
जगाधरी निवासी मोहन लाल ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके पास बिजली निगम का बिल आया, जिसमें 249 यूनिट बिजली की खपत दिखाई गई। लेकिन बिजली का बिल सवा 19 सौ का था। जिसे देख कर वह हैरान रह गया।
बिल में सरकार की ओर से जनवरी 2014 का रेट भी दिखाया गया। जिसमें बताया कि राहत देने के लिए रेट कम किए गए हैं। इस संबंध में वह बिजली निगम के कार्यालय में भी गया। जहां कर्मियों ने बताया गया कि उसका बिल ठीक है और उसे बिल का भुगतान करना ही होगा। उन्होंने बताया कि बिल की स्लैब के मुताबिक 249 यूनिट का बिजली बिल साढ़े 12 सौ रुपए आना चाहिए था। मजबूरी में उसे बिल जमा करवाना ही पड़ा। उसे प्रति यूनिट 7.71 रुपए पड़ी। इसी तरह यमुनानगर निवासी राज रानी ने बताया कि बिल 3050 रुपए का आया था, जबकि बिजली की खपत करीब चार सौ यूनिट हुई थी। उनकी ओर कोई एरियर भी नहीं था।
उधर, यमुनानगर निवासी बलविंद्र सिंह का कहना है कि बिजली बिल में सिक्योरिटी राशि की राशि भी अलग से जोड़ी जा रही है। ये ठीक नहीं है। जब उन्होंने कभी कोई डिफॉल्ट नहीं किया तो फिर बिल में अतिरिक्त सिक्योरिटी जोड़ने का कोई औचित्य नहीं है।
हर बार बिल में सिक्योरिटी राशि ली जा रही है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। जो उपभोक्ता नए कनेक्शन ले रहे हैं, निगम उनसे सिक्योरिटी की अतिरिक्त राशि