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मौसम की बेरुखी के बाद मंडी में पड़ रही धान उत्पादकों पर मार
पहलेमौसमकी बेरुखी थी। फिर पर्याप्त बिजली भी नहीं मिली। जैसे-तैसे डीजल से इंजन चला कर धान की सिंचाई की थी, तब खेतों में फसल तैयार हुई। अब मंडी में बेचने की बारी आई तो व्यापारी औने-पौने दाम दे रहा है। जो धान बीते साल 45 सौ रुपए क्विंटल तक बिकी थी, इस बार दो से ढाई हजार ही मिल रहे हैं। ऐसे में किसान घाटे में फसल बेचने को मजबूर हो रहे हैं। मंडी में व्यापारियों की लूट पर रोक लगाई जाए, ताकि किसान जीवित बच सके।
अपनी इसी मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने तहसीलदार जगाधरी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही अनाज मंडी जगाधरी में किसानों ने बैठक की। प्रदेश संयोजक बाबूराम गुंदियाना प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सुढल ने कहा कि फसल के पूरे दाम नहीं मिल रहे हैं। किसान घाटे में फसल बेचने को मजबूर है। लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में किसानों की खुदकुशी की घटनाएं आम हो रही है। इसलिए आप मंडी में किसान से हो रही लूट तुरंत प्रभाव से बंद कराई जाए।
सहीकीमत मिली तो महापंचायत में लेंगे कड़ा निर्णय : भाकियूजिलाध्यक्ष संजू ने कहा कि धान की लूट को लेकर 29 सितंबर को पीपली में महापंचायत की जाएगी। यदि रेट सही मिला तो महापंचायत में कड़ा निर्णय लिया जाएगा। आखिर, पिछले साल से भी मंडी में धान के कम दाम मिलने की वजह क्या है। दवा, डीजल, खाद समेत हर चीज के रेट बढ़ गए हैं, लेकिन धान की कीमत कम क्यों हो रही है।
29 को होगी अनाज मंडी पिपली में महापंचायत
रादौर| बारीकधान के मंडियों में कम दाम मिलने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत का आयोजन 29 सितंबर को सुबह दस बजे पिपली अनाज मंडी कुरुक्षेत्र में किया जाएगा। इसमें प्रदेशाध्यक्ष गुर नामसिंह चढूनी मुख्यातिथि होंगे। भाकियू जिला प्रधान संजू गुुंदयाना ने बताया कि मंडियों में बारीक धान के भाव एक हजार रुपए प्रति क्विंटल कम मिल रहे हैं। इससे किसानों को हजारों रुपए प्रति एकड़ नुकसान हो रहा है। केंद्र सरकार ने स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू कर किसानों के साथ धोखा किया है, जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। मौके पर विजय मेहता घिलौर, बाबूराम गुंदयाना, नाथीराम दोहली, कर्ण बुबका, धर्मबीर अमलोहा, संजू गुंदयाना, राजकुमार सिपियोवाला, कर्म सिंह मथाना,कर्मबीर मंडेबर, पूर्णचंद काठवाला, गुरूमुख शाहपुरा, बिटटू लेदी, वीरेंद्र जामपुर