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खनन दिन में भी जारी, रोकने के लिए 3-3 विभाग, तीनों बेखबर

7 वर्ष पहले
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एसपी बोले, गलत काम नहीं होने देगी पुलिस

सिंचाई विभाग के एक्सईएन बोले, किस लिए है खनन विभाग

खनन अधिकारी बोले, सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी

बात

सीधी

खननमाफियापर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मेहरबान है। तभी तो दिन हो या फिर रात अवैध खनन बेलगाम जारी है। मेहरबानी का आलम यह है कि सड़कों पर दौड़ते रेत से भरे ट्रक पर कोई भी विभाग कार्रवाई नहीं करता। इन पर पुलिस, खनन सिंचाई विभाग कार्रवाई कर सकते हैं। मगर हर कोई जिम्मेदारी दूसरे पर डाल देता है।

पश्चिमी यमुना नहर में हो रहे अवैध खनन को रोकने की जि मेदारी तीन-तीन विभागों की है, लेकिन कार्रवाई करता कोई नहीं दिख रहा है। पहली जिम्मेदारी खनन विभाग की बनती है। क्योंकि खनन विभाग का काम अवैध खनन रोकना ही है। दूसरी जिम्मेदारी पुलिस की बनती है। अगर कहीं पर भी गैर कानूनी काम हो रहा है तो उसे रोकने की पुलिस के जिम्मे होता है। तीसरी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की भी बनती है। पश्चिमी यमुना नहर सिंचाई विभाग के अंडर है। इसके रखरखाव से लेकर पानी छोड़ने और इसमें खनन रोकने का भार उन्हीं के कंधों पर है। इसके अलावा गांव के सरपंच की भी जिम्मेदारी बनती है कि गांव के आसपास अगर कहीं कोई गलत काम होता है तो उसकी सूचना प्रशासन को दे दी जाए। इस पर गांव अमादलपुर के सरपंच हुकमचंद का कहना है कि प्रशासन ने इस तरह के कोई भी निर्देश उन्हें नहीं दिए हैं।

भास्कर लाइव | गांव में करते हैं स्टॉक

पश्चिमी यमुना नहर का दड़वा घाट। सदर यमुनानगर थाना और खनन अधिकारी के कार्यालय से चार किलोमीटर। सुबह 11.40 बजे। भास्कर टीम जैसे ही यहां पर पहुंची तो कुछ लोग नहर से रेत निकालने पर लगे थे। इसके बाद टीम दोपहर 12.30 बजे अमादलपुर पुल के पास पहुंची। यह पुलिस खनन अधिकारी के कार्यालय से 10 किलोमीटर दूर है, जबकि बुड़िया थाना से 3 किलोमीटर है। यहां पर दिन में ही नहर के बीचों-बीच एक दर्जन लोग बेखौफ होकर रेत निकालने में लगे थे। रेत निकाल रहे संदीप कुमार से जब भास्कर प्रतिनिधि ने बात की तो उसने बताया कि वे रोज ऐसे ही रेत निकालते हैं। रेत को पहले गांव में ही स्टॉक कर दिया जाता है। फिर डिमांड के मुताबिक बेचा जाता है। उनका काम रेत को नहर से निकाल कर स्टाक करना है। आगे रेत कहां जाएगा, इसके लिए अलग टीम है।

एसएचओ की ली है मीटिंग

एसपीवेदप्रकाश ने बताया कि अवैध खनन रोकने को लेकर एसएच