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सीसीटीवी की निगरानी में होंगे बस अड्डे

7 वर्ष पहले
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160 लाख रुपए होंगे खर्च: प्रवक्ता

ट्रांसपोर्टके प्रवक्ता ने बताया कि सीसीटीवी लगाने पर 160 खर्च किए जाएंगे इसके लिए टेंडर मांगे गए हैं। 10 अक्टूबर टेंडर की अंतिम तिथि है। वर्क अलॉट होते ही काम हो जाएगा।

कर्मचारियों की भी होगी निगरानी

कैमरेलगने से सिर्फ यात्री वाहनों पर ही नहीं बल्कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी भी निगरानी में होंगे। देखने में आता है कि कर्मचारी ड्यूटी से बिना बताए इधर-उधर हो जाते हैं।

बस स्टैंड परिसर में होने वाले क्राइम के बाद पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। क्राइम के बाद यात्री अपने गंतव्य को चले जाते हैं और बाद में कोई पुलिस का सहयोग नहीं करता। ऐसे में कई वारदात अनसुलझी ही रह जाती हैं। अब क्योंकि सभी सीसीटीवी कैमरों की नजर में होंगे तो पुलिस को कहीं कहीं मदद जरूर मिलेगी।

फिलहाल बस अड्डों पर क्राइम जमकर हो रहा है। स्टूडेंट के लड़ाई झगड़े तो होते ही हैं यात्रियों की जेब भी कट जाती है। यमुनानगर जगाधरी बस स्टैंड पर ही एक साल में दर्जनभर लोगों के जेब काट कर निकाले जा चुके हैं। साढौरा से रहे राम सिंह के तो 40 हजार रुपए ही साफ कर दिए थे।

यमुनानगर बस स्टैंड पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे।

भास्कर न्यूज | यमुनानगर

प्रदेशकेसभी 21 बस अड्डे जल्द ही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगे। कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए टेंडर भी मांगे गए हैं। कैमरे लगाने पर ट्रांसपोर्ट विभाग 160 लाख रुपए खर्च करेगा। कैमरे लगाने से जहां अवांछित घटनाओं पर लगाम लगेगी वहीं संदिग्धों पर भी नजर रखी जा सकेगी।

21बस अड्डे हैं प्रदेश में : प्रदेशमें 23 डिपो के अंतर्गत 21 बस अड्डे आते हैं। इन पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में बसों का आना जाना होता है। बसों में भीड़ इतनी अधिक रहती है कि लोगों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे लगने से हर कोई इनके दायरे में होगा।

अभाविपकई बार कर चुका है प्रदर्शन: बसस्टैंड पर अकसर स्कूल, कॉलेज की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ होती रहती है। इसको लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पिछले माह ही प्रदेशव्यापी अभियान चलाया था। रोडवेज जीएम के खिलाफ प्रदर्शन के साथ-साथ घेराव भी किए गए। तब विद्यार्थी परिषद ने बसों की संख्या बढ़ाने, सुरक्षा सीसीटीवी कैमरों को लगाने की मांग रखी थी।

छात्रोंका संघर्ष काम लाया: सुरेंद्