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एक रात पहले खाली हाथ लौटे अफसर अगली ही रात अवैध खनन के वाहन दौड़े

7 वर्ष पहले
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35 किलोमीटर चलकर गए शहर में लेकिन पुलिस ने रोका और गश्त कर रही टीम ने

बात

सीधी

शनिवार देर रात को डीसी, एसपी ने किया था खनन क्षेत्र का दौरा

भास्करन्यूज | यमुनानगर

अवैधखननको रोकने के लिए डीसी डॉ. एसएस फूलिया एसपी वेदप्रकाश शनिवार रात को लश्कर के साथ खनन जोन में पहुंचे थे। रात भर जागे और खनन जोन में घूमे। उनको कहीं अवैध खनन सक्रिय नहीं मिली। पूरे का पूरा प्रशासनिक अमला जोन से खाली हाथ लौट आया। लेकिन रविवार की रात सब कुछ उल्टा था। प्रशासनिक अमला अपनी कोठियों में सोया था और खनन माफिया अवैध खनन का खेल खेलता रहा। रात भर शहर के बीच से अवैध खनन से भरे ओवर लोडिड गलत नंबर प्लेट के ट्रक दौड़ते रहे। तो इन ट्रकों पर पुलिस की नजर गई और जोन में गश्त करने वाली टीम की। गश्त के लिए विभागों को जोड़कर टीम बनाई हुई है। खनन विभाग अलग से कार्रवाई करता है।

प्रशासन खनन पर नकेल कसने के लिए खनन जोन पहुंचा तब भी उनको कुछ नहीं मिला। जठलाना क्षेत्र से एक ट्राली मिली थी। गत रात्रि के सवा आठ बजे खनन जोन से चलकर 35 किमी दूर बुड़िया चौक तक अवैध खनन से भरे वाहन सरपट निकल रहे थे। वाहन चालक ग्रुप बनाकर शहर के बीचों बीच से निकल गए। कार्रवाई तो दूर किसी ने इनको रोककर पूछा तक नहीं।

टपकतापानी बना अवैध खनन का गवाह : जोवाहन शहर के बीचों बीच से दनदनाते गुजर रहे थे उनमें अधिकतर में पानी टपक रहा था। जोकि गवाही दे रहा था कि ट्रकों में अवैध खनन कर रेत या बजरी भरा हुआ है। ऐसा लग रहा था कि आसपास से ही रेत लोड किया गया हो।

रविवार रात को जैसे ही भास्कर टीम अवैध खनन की सच्चाई जाने के लिए निकली तो बुड़िया चौक पर रात 8.20 बजे पुलिस कर्मचारी तैनात दिखा। तभी एक रेत से भरा ट्रक चौक से निकला। ट्रक को रोककर चेक करने की वजह जब पुलिस कर्मचारी से पूछी तो उनका कहना था कि हमारी हिम्मत नहीं है इन्हें रोक लें। यहां से तो रात भर ऐसे ही ट्रक निकलते रहे हैं। रात को डेढ़ से दो बजे 100 से 150 गाड़ियां निकलती है। बाद में टीम अग्रसेन चौक पर पहुंची यहां पर सिग्नल लाइट पर आकर रुकी को रेत से भरा ट्रक रुका हुआ था। इसकी जानकारी अर्जुन नगर चौकी प्रभारी जसविंद्र कौर को दी। थाना प्रभारी को भी कॉल की। मगर बात नहीं हुई। इस दौरान दस मिनट भास्कर संवाददाता वहीं पर खड़े रहे लेकिन पुलिस नहीं आई। दस मिनट में 15 गाड़ियां चौक से गुजर गई।