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परेशान पुलिस कर्मी बोले, आने का समय, जाने का, घर से दूर हुए तो तनाव और बढ़ेगा
आनेका समय है जाने का। ही कोई साप्ताहिक अवकाश। दिन-त्योहार पर छुट्टी की जगह काम का दवाब और बढ़ जाता है। अब घर से दूर किया जाए तो तनाव और बढ़ेगा। जब से गृह जिले से बाहर तबादले का फरमान हुआ है तब से पुलिस कर्मियों में बेचैनी बढ़ रही है। ये परेशानी एक दो कर्मियों की नहीं है, बल्कि हर पुलिस कर्मी की है।
इस समस्या को लेकर कई पुलिस कर्मियों से बात हुई। इससे ये परेशानी ही सबसे उभर कर सामने आई। एक पुलिस कर्मी ने बताया कि मुश्किल से चार पांच घंटे की नींद मिलती है। छुट्टी कोई नहीं है। ऐसे में घर कब जाएंगे और कब परिवारों से मिलेंगे। काम के दवाब से पहले ही कर्मी तनाव में है। इससे कर्मियों में तनाव और बढ़ेगा।
यूरिकएसिड आठ तक पहुंच गया : एककर्मी ने बताया कि वे वीआईपी की एस्कार्ट ड्यूटी में थे। दो महीने छुट्टी नहीं मिली और लगातार काम किया दिन-रात ड्यूटी दी। बेवक्त और बाहर का खाना खाने से तबियत बिगड़ी तो छुट्टी मिली। जांच में पता चला कि यूरिका एसिड आठ प्वांइट तक पहुंच गया है। कई दिन तक दवाई लेनी पड़ी जब जाकर यूरिका एसिड कंट्रोल हुआ।
बिल्डिंगनहीं रहने लायक : हरियाणापुलिस कर्मचारी संघ के आरटीआई विंग के प्रदेशाध्यक्ष एवं पुलिस कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामकुमार वालिया ने बताया कि घर से दूर तैनात करने से हम तनावग्रस्त हो जाएंगे।
पुलिस लाइन हो या फिर थाना वहां पर ऐसी व्यवस्था नहीं है कि पुलिस कर्मचारी अपने परिवार के साथ रह सकें। कई थानों की तो बिल्डिंग भी इतनी जर्जर है कि वहां पर रहने में भी डर लगता है।
चारगुणा तनाव बढ़ जाता है परिवार से दूर रहने में : मनोचिकित्सा: मनोचिकित्साडॉ. दिव्य मंगला का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति लगातार काम कर रहा है और घर से दूर है तो तनाव चार गुणा बढ़ जाता है। तनावमुक्त करने के लिए दिन में छह से आठ घंटे नींद जरूरी है। लगातार तो मशीन भी काम नहीं कर सकती है। उसको भी आराम करवाना पड़ता है। मनुष्य को भी आराम जरूरी है। तनावग्रस्त होने से व्यक्ति की कार्यक्षमता घट जाती है। बेहतर काम के लिए आराम जरूरी है। अन्यथा हार्ट शुगर सांस लेने में दिक्कत जैसी बीमारी हो सकती है।
पुलिस कर्मचारियों का कहना है कि जब अन्य विभागों के कर्मचारी अपने गृह जिले में तैनात रह सकते हैं तो पुलिस क्यों नहीं। कई विभाग में तो ऐसे कर्मचारी हैं कि वे अपने गांव में ही नौकरी कर रह